जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह घने कोहरे ने भीषण हादसा कर दिया। करीब 3:30 बजे बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुए इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 100 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी दी कि चार शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी की पहचान के लिए एक टीम काम कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय दृश्यता लगभग शून्य थी। घने कोहरे के कारण एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई वाहनों में धमाके के साथ आग लग गई। आग की लपटें उठते ही बसों में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया और चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। काफी संघर्ष के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
घायलों को मथुरा के जिला अस्पताल और वृंदावन के 100 शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल 14 लोगों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। फिलहाल, 38 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है, और 39 घायल बलदेव सीएचसी में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
कानपुर के निवासी ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ कार में बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। घने कोहरे के कारण दृश्यता पूरी तरह से शून्य हो गई थी। इसी दौरान अचानक सामने से आए एक वाहन ने उनकी कार को टक्कर मार दी, और इसके बाद लगातार कई वाहन आपस में टकराते चले गए।
हमीरपुर की नसीमा ने बताया कि वह अपने पति के साथ पानीपत मजदूरी करने जा रही थीं। उनकी बस अचानक सामने से आ रही एक दूसरी बस से टकरा गई, और इसके बाद उसमें तेजी से आग लग गई। किसी तरह उनकी जान बचाई जा सकी, लेकिन उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आगरा से नोएडा की ओर जाने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से सुचारू किया।

