जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: कड़ाके की सर्दी और कोहरे में हाईवे पर सफर करना सुरक्षित नहीं है। स्टेट हाईवे 147 पर पथ प्रकाश व्यवस्था न होने के चलते रात को गुजरने वाली यात्रियों हादसों का खतरा बना रहता है। स्टेट हाईवे पर ऐतिहासिक नगरी के सीमावर्ती क्षेत्र भी लाइटें नहीं जलने से हादसा होने की आशंका रहती है। खासतौर पर सड़क पर अचानक आने वाले गोवंश रात के समय दूर से नजर नहीं आते हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विकास की पहचान और रफ्तार का भरोसा के साथ मंजिल तक सुरक्षित पहुंचने की उम्मीद होते हैं हाईवे। लेकिन जब हाईवे अंधेरे और कोहरे की गिरफ्त में आ जाए तो हालात मुश्किल हो जाते हैं। कोहरे में दृश्यता बेहद कम हो जाती है। आगे क्या है, यह अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर सड़क पर रोशनी का इंतजाम न हो तो हादसों का खतरा बना रहता है। सड़क पर खड़े वाहन, डिवाइडर, मोड़, गड्ढे या अचानक सामने आ जाने वाले पशु, सब कुछ आखिरी पल में नजर आता है। हाईवे पर कोहरे के साथ अंधेरा हादसों के खतरों करें बढ़ा देता है। ऐसे ही दश्य आपको करोडा खर्च होने के बाद भी स्टेट हाईवे 147 पर हस्तिनापुर चांदपुर के बीच देखने को आराम से देखने को मिलेगे। हस्तिनापुर चांदपुर मार्ग पर हस्तिनापुर ब्लॉक से जलीलपुर ब्लॉक तक का अधिकांश हिस्से सहित गंगा तक का हिस्सा अंधेरे में डुबा रहता है। जिसके चलते दुर्घटना होना आम बात है।
खराब या अनुपस्थित स्ट्रीट लाइटें हादसो को दे रहे न्यौता
लगभग 40 किलोमीटर लम्बे हस्तिनापुर चांदपुर मार्ग के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें न होने या खराब होने से रात में हाईवे पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अंधेरे और कोहरे में सड़क पर खड़े ट्रक, गाय-भैंस या गड्ढे आखिरी वक्त पर दिखते हैं जिससे टक्कर होने की संभावना बढ़ जाती है।

