जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए जब प्रधानमंत्री संसद की एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे, तो वहां मौजूद पत्रकारों ने उन्हें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर शुभकामनाएं दीं। इस पर पीएम मोदी मुस्कराते हुए नजर आए और सभी का धन्यवाद किया।
प्रधानमंत्री की यह संक्षिप्त लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की मुख्य बातें
भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है। इससे पहले अमेरिका ने भारतीय सामानों पर कुल 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया था, जिसमें रूसी तेल की खरीद से जुड़ा अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल था। इस फैसले के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में तनाव देखने को मिला था।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नया टैरिफ कब से लागू होगा, भारत किन अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा और व्यापार बाधाओं को कम करने के लिए किन ठोस कदमों पर सहमति बनी है। इन मुद्दों पर दोनों देशों की ओर से विस्तृत जानकारी आना बाकी है।
व्यापार समझौते के बाद पीएम मोदी का एक्स पर संदेश
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक प्रेरणादायक संदेश भी साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा—
“आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।”
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया संदेश
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट के साथ एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया—
“श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते।
दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥”
इस श्लोक का अर्थ है कि धन और समृद्धि सही कर्मों से उत्पन्न होती है। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ती है, कौशल और दक्षता से स्थिर रहती है और अनुशासन के माध्यम से सुरक्षित रहकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देती है।
राजनीतिक और आर्थिक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया और संदेश भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार के आत्मविश्वास और सकारात्मक रुख को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस समझौते के व्यावहारिक पहलुओं पर स्पष्टता आने के साथ ही इसके आर्थिक असर और भी साफ होने की उम्मीद है।

