जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजस्थान की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में भजनलाल सरकार का तीसरा पूर्ण बजट पेश किया। इस बजट में युवाओं, शिक्षा, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और स्कूल-कॉलेजों की हालत सुधारने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं।
युवाओं के लिए लोन और रोजगार योजना
मुख्यमंत्री युवा एवं रोजगार योजना के तहत युवाओं को लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा 1 लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के कर्ज पर 100% ब्याज अनुदान देने की घोषणा की गई है, ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता
राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया जाएगा, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मॉडल पर काम करेगी। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि परीक्षाएं सरल और पारदर्शी तरीके से हों।
छात्रों के लिए ई-वाउचर योजना
सरकार छात्रों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए ई-वाउचर उपलब्ध कराएगी। इसके तहत कक्षा 6वीं, 8वीं और 12वीं के छात्रों को 20-20 हजार रुपये के वाउचर मिलेंगे। कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को निशुल्क साइकिल दी जाएगी। इस योजना पर कुल 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
स्कूलों और शिक्षा का सुधार
प्रदेश के 2,500 स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी, जिस पर 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 300 ऐसे स्कूल जिनके पास अपना भवन नहीं है, उनके लिए नए भवन बनाए जाएंगे, इसके लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 300 से अधिक जर्जर स्कूलों को सुधारा जाएगा और छात्रावासों के विकास का काम भी किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘जादुई पिटारा’
प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए ‘जादुई पिटारा’ यानी खेल सामग्री और किट उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना पर 323 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाना है।
व्यावसायिक शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में यह सुविधा 4,019 स्कूलों में उपलब्ध है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 500 और स्कूलों में इसे शुरू किया जाएगा। योजना पर 51.10 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें संसाधन, उपकरण, प्रशिक्षण सामग्री और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था शामिल है।
राजस्थान में पहली बार आउटकम-बेस्ड स्किल इम्पैक्ट मॉडल लागू किया जाएगा। इसके तहत प्लेसमेंट जैसे तय मानदंड पूरे होने पर ही भुगतान किया जाएगा। हॉस्पिटैलिटी, आईटी और हेल्थ सर्विस के क्षेत्रों में 1,000 युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा। चयनित युवाओं को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
खेल और अन्य बड़े ऐलान
राज्य में 400 स्कूलों को सीएम राइज स्कूलों में बदला जाएगा, जिस पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जयपुर के महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। जोधपुर में रिमोट सेंसिंग सेंटर और कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा बंजारा समुदाय के बच्चों के लिए हर शहर में एक स्कूल खोलने की योजना है।
कल्याणकारी और मानसिक स्वास्थ्य पहल
शहीदों के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक प्रतियोगिता के लिए अब 1 लाख रुपये मिलेंगे।
राजस्थान सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ी पहल की है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री दीया कुमारी ने बताया कि ‘राजममता – राजस्थान मेंटल अवेयरनेस, मेंटोरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल’ कार्यक्रम जल्द शुरू होगा। इसके तहत सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ स्थापित किया जाएगा। जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेल बनाए जाएंगे, जहां साइकोलॉजिकल काउंसलर्स और साइकियाट्रिक डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।
इस पहल का उद्देश्य मानसिक रोगों की जल्दी पहचान, परामर्श, इलाज, पुनर्वास और रेफरल सेवाएं प्रदान करना है। विद्यालयों और कॉलेजों में स्ट्रेस मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ अवेयरनेस अभियान भी चलाया जाएगा। उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्रशिक्षित काउंसलर हर महीने कम से कम एक मेंटल हेल्थ सत्र आयोजित करेंगे।

