जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता बढ़ गई है। 73 वर्षीय इमरान खान के स्वास्थ्य पर गंभीर स्थिति के मद्देनजर दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को एक संयुक्त पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें तत्काल और उचित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस सूची में कोई भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शामिल नहीं है।
कौन-कौन शामिल हैं
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव के अलावा ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरले, डेविड गावर, किम ह्यूज, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं।
पत्र में क्या कहा गया
पूर्व कप्तानों ने पत्र में लिखा है कि वे इमरान खान की हिरासत और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान विश्व क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक हैं और 1992 विश्व कप में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।
पत्र में आगे कहा गया कि हालिया रिपोर्टों में उनकी सेहत, खासकर दृष्टि कमजोर होने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं। इसलिए पाकिस्तान सरकार से अनुरोध है कि उन्हें तत्काल, पर्याप्त और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, हिरासत की स्थिति मानवीय और गरिमापूर्ण होनी चाहिए।
इमरान की सेहत पर बढ़ती चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान की दाहिनी आंख की 85 प्रतिशत रोशनी चली गई है। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें जेल में मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। अगस्त 2023 से इमरान खान जेल में हैं और 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर कई भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए। दिसंबर 2025 में उन्हें 31 साल की सजा सुनाई गई थी।
पाकिस्तानी दिग्गजों की चुप्पी
हालांकि वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी ने सोशल मीडिया पर बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग की थी, लेकिन इस औपचारिक याचिका पर किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम नहीं है।
खेल से परे मानवीय अपील
पत्र में अंत में लिखा गया है कि क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक सेतु का काम करता रहा है। प्रतिद्वंद्विता पिच तक सीमित रहती है, सम्मान हमेशा कायम रहता है। यह अपील खेल भावना और मानवीय मूल्यों के तहत की जा रही है, किसी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के उद्देश्य से नहीं।

