जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। बुलियन मार्केट के अनुसार, चांदी 2,700 रुपये की तेजी के साथ 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोना 960 रुपये बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।
हालांकि वायदा बाजार में अलग रुख देखने को मिला। एमसीएक्स पर चांदी 8,000 रुपये की गिरावट के साथ 2.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोना 3,111 रुपये टूटकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव
वैश्विक बाजार में सोने और चांदी में लगातार तीसरे सत्र में कमजोरी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण कारोबार सीमित रहा, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना। एशियाई ट्रेडिंग के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 4,901 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि स्पॉट सिल्वर 1% से अधिक गिरकर 72.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
रिकॉर्ड स्तर से कितनी गिरावट?
सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 5,626.80 डॉलर प्रति औंस से करीब 15% नीचे है। वहीं चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 121.78 डॉलर प्रति औंस से लगभग 67% कमजोर बनी हुई है।
गिरावट की मुख्य वजहें
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स 0.40% चढ़कर 97.28 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर आधारित धातुएं अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए महंगी हो गईं और मांग घट गई।
इसके अलावा चीन, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख एशियाई बाजार लूनर न्यू ईयर के कारण बंद रहे, जिससे बाजार में तरलता कम रही। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जनवरी बैठक के मिनट्स पर है, जिनसे आगे की मौद्रिक नीति के संकेत मिल सकते हैं।
भूराजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में संभावित अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता की तैयारियां भी बाजार को सतर्क बनाए हुए हैं। हालांकि किसी बड़े समझौते के संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं, लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियां निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही हैं।

