जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स लगभग 2,000 अंक तक गिर गया, जबकि रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49 पैसे कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर 92.89 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,953.21 अंक या 2.54 प्रतिशत गिरकर 74,750.92 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 580.05 अंक या 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर बंद हुआ।
प्रमुख कंपनियों के शेयरों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। यह गिरावट बैंक के अध्यक्ष अतानु चक्रवर्ती के नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा देने के बाद आई। इसके अलावा, लार्सन एंड टुब्रो, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल और बजाज फाइनेंस भी प्रमुख पिछड़ने वालों में शामिल रहे। दूसरी ओर, एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही ऐसी कंपनियां थीं, जिन्होंने लाभ दर्ज किया।
वैश्विक बाजारों पर जंग का असर
पश्चिम एशिया में ऊर्जा ढांचे पर हमलों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान के प्रमुख गैस उत्पादन क्षेत्र और कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन सुविधा पर हमलों के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका गहरी हुई है। बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए खतरनाक संकेत भेजे हैं, जिसका असर महंगाई और बाजारों पर साफ देखा जा सकता है।



