जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब सभी की निगाहें भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे और शपथ ग्रहण की तारीख पर हैं। भाजपा के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा।
भट्टाचार्य ने चुनाव में प्रवासी मतदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कई कठिनाइयों के बावजूद अपने पैसे खर्च करके वोट देने के लिए यात्रा की। उन्होंने बताया कि टोरंटो, डलास, सिलिकॉन वैली, कोपेनहेगन, जर्मनी और यूके से भी लोग मतदान के लिए आए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ सरकार या मुख्यमंत्री बदलना नहीं है, बल्कि पूरे राजनीतिक माहौल को बदलना है। उनका कहना था कि समाज में फिर से विविधता और संतुलन लाना जरूरी है।
भट्टाचार्य ने ‘डबल इंजन सरकार’ की भी बात की और कहा कि भाजपा का घोषणापत्र केंद्र और राज्य सरकार दोनों के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की भागीदारी रही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किए गए वादे पूरी तरह से पूरे किए जाएंगे।
बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुआ। मतों की गणना 4 मई को हुई, जिसमें सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा। टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं, जबकि पिछली बार उनके पास 215 सीटें थीं। वहीं, भाजपा ने पिछले चुनाव में 77 सीटें होने के बावजूद इस बार 206 सीटें जीतकर बड़ा प्रदर्शन किया।
बंगाल में उच्च वोटिंग
विधानसभा की कुल 294 सीटों में से पहले चरण के तहत 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ। दोनों चरणों में रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज हुई। चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण में 93.19%, जबकि दूसरे चरण में 92.67% मतदान हुआ। कुल मिलाकर बंगाल में वोटिंग का औसत 92.93% पहुंच गया, जो देश में किसी राज्य में सबसे ज्यादा है।

