जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार द्वारा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने इस नियुक्ति को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “भाजपा-ईसी के चोर बाजार में जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्ष पहले से ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।
मनोज कुमार अग्रवाल बने नए मुख्य सचिव
दरअसल, सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने अधिसूचना जारी कर मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया।
अधिसूचना के अनुसार, 1990 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और गृह एवं पर्वतीय मामलों (निर्वाचन) विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें अगले आदेश तक मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।
नियुक्ति पर क्यों मचा विवाद?
यह नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले All India Trinamool Congress और कांग्रेस लगातार आरोप लगाते रहे थे कि चुनाव आयोग भाजपा के प्रभाव में काम कर रहा है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच लंबे समय तक टकराव देखने को मिला था। अब चुनाव आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी की सरकार में अहम प्रशासनिक पद पर नियुक्ति को विपक्ष राजनीतिक नजरिए से देख रहा है।
बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
पिछले चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस 212 सीटों से घटकर 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलीं।
इस जीत के साथ बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत हो गया। चुनाव के बाद सिवेंदू अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

