जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही भारत ने अपना पहला पदक पक्का कर लिया है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में ‘बाय’ मिलने के कारण सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसके साथ ही उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया है।
‘बाय’ से सीधे सेमीफाइनल में एंट्री
महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में केवल पांच मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया है। ऐसे में ड्रॉ के अनुसार लवलीना सहित तीन खिलाड़ियों को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली, जबकि बाकी दो खिलाड़ियों के बीच एकमात्र क्वार्टरफाइनल मुकाबला खेला जाएगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग नियमों के मुताबिक, सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों मुक्केबाजों को कांस्य पदक दिया जाता है। यही वजह है कि लवलीना ने अपना पहला मुकाबला खेले बिना ही भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर लिया है।
31 जुलाई को खेलेंगी पहला मुकाबला
लवलीना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में ताफाकी के खिलाफ रिंग में उतरेंगी। इस मुकाबले में जीत उन्हें फाइनल में पहुंचा देगी और कम से कम रजत पदक पक्का हो जाएगा। यदि वह हारती हैं, तब भी कांस्य पदक उनके नाम रहेगा।
कॉमनवेल्थ में पहली बार मिलेगा पदक
यह कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोरगोहेन का पहला पदक होगा। इससे पहले उन्होंने गोल्ड कोस्ट 2018 में क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था, जहां उन्हें इंग्लैंड की सैंडी रयान से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, बर्मिंघम 2022 में वह अपने पहले ही मुकाबले में बाहर हो गई थीं। पिछले दोनों कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 69 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया था, जबकि इस बार वह 75 किग्रा वर्ग में खेल रही हैं।
उपलब्धियों में जुड़ा नया अध्याय
इस पदक के साथ लवलीना ने उन सभी प्रमुख मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में पदक जीतने का कारनामा पूरा कर लिया है, जिनमें वह भाग लेने की पात्र थीं। अब उनके नाम ओलंपिक, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स—तीनों में पदक दर्ज हो जाएंगे।
उद्घाटन समारोह में निभाएंगी अहम भूमिका
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई भी लवलीना करेंगी। वह टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के साथ भारत की फ्लैग और बैटन बियरर होंगी।

