जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए मेरठ पुलिस ने विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया है। यह योजना मेरठ जोन और आसपास के जिलों की पुलिस के साथ समन्वय के बाद बनाई गई है। इसके तहत दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (गाजियाबाद से मेरठ दिशा) और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (नहर पटरी) पर चरणबद्ध तरीके से यातायात प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई की रात 12 बजे से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, 5 अगस्त की रात से 12 अगस्त की रात तक दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरिद्वार-मुजफ्फरनगर-मेरठ दिशा में यातायात पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस बार कांवड़ यात्रा न तो गंगा एक्सप्रेसवे पर चलेगी और न ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर। यात्रा पहले से निर्धारित पारंपरिक मार्गों से ही संचालित होगी।
2 अगस्त से हल्के और मध्यम वाहनों के लिए नई व्यवस्था
2 अगस्त की आधी रात से एनएच-58 पर हल्के और मध्यम वाहन मेरठ से मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की ओर बाईं लेन से दोनों दिशाओं में संचालित होंगे। वहीं दाहिनी लेन पूरी तरह हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी।
पुलिस का कहना है कि कांवड़ियों की संख्या और यातायात की स्थिति के अनुसार इस व्यवस्था में जरूरत पड़ने पर बदलाव भी किया जा सकता है।
भारी वाहनों के लिए यह रहेगा डायवर्जन
- 29 जुलाई की रात 12 बजे से भारी वाहनों का डायवर्जन लागू होगा।
- अंबाला और यमुनानगर से उत्तराखंड जाने वाले वाहन एनएच-344, छुटमलपुर और मोहंड होते हुए देहरादून जाएंगे।
- हरिद्वार जाने वाले वाहन छुटमलपुर से भगवानपुर और रुड़की के रास्ते भेजे जाएंगे।
- राजस्थान, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से सहारनपुर या उत्तराखंड जाने वाले वाहन डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और खेकड़ा इंटरचेंज होते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे।
- दिल्ली से उत्तराखंड जाने वाले वाहन वजीराबाद, कुंडली, राई, सोनीपत, पानीपत, करनाल और यमुनानगर के रास्ते भेजे जाएंगे।
- गाजियाबाद से निकलने वाले वाहन यूपी गेट, एनएच-9 और डासना इंटरचेंज के जरिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे।
हल्के और मध्यम वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
2 अगस्त से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जाने वाले हल्के एवं मध्यम वाहन भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजे जाएंगे।
गाजियाबाद से बिजनौर जाने वाले वाहनों को हापुड़, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज और मीरापुर के रास्ते भेजा जाएगा।
इसी तरह बिजनौर से मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जाने वाले वाहनों को गंगा बैराज, मीरापुर, जानसठ, भोपा और देवबंद होते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए खास व्यवस्था
गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले सभी वाहनों को सिंभावली कट से नीचे उतारा जाएगा। इसके बाद उन्हें एनएच-9, डासना और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा।
मेरठ, बिजनौर और मुजफ्फरनगर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किया गया है। इन्हें सिंभावली से उतरकर हापुड़, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज और मीरापुर के रास्ते आगे भेजा जाएगा।
वहीं, बिजौली (खरखौदा कट) से उतरने वाले वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। दिल्ली, गाजियाबाद और बिजनौर जाने वाले वाहनों को टियाला की ओर भेजा जाएगा, जबकि मेरठ आने वाले वाहन यू-टर्न लेकर सीधे शहर की ओर जा सकेंगे।
शामली, हरियाणा और पंजाब की ओर जाने वाले मार्ग
मेरठ से शामली जाने वाले वाहनों को सरधना, भूनी चौराहा, बुढाना और फुगाना के रास्ते भेजा जाएगा। वहीं मुजफ्फरनगर से शामली जाने वाले वाहन पीनना बाईपास, तितावी, बुटराडा और बनत होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
हरिद्वार और देहरादून से यमुनानगर, अंबाला, करनाल, पानीपत और सोनीपत जाने वाले वाहनों को छुटमलपुर, शाहजहांपुर और यमुनानगर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
डीआईजी ने क्या कहा?
मेरठ रेंज के डीआईजी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेरठ रेंज में कई प्रमुख मंदिर और गंगा घाट होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। साथ ही पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है।

