जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक ‘मंगल मिलन’ मंगलवार को संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) में आयोजित हुई। यह बैठक लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए जाने के एक दिन बाद हुई।
बैठक में शामिल हुए प्रमुख नेता
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत एनडीए के कई सांसद मौजूद रहे। इसके अलावा, पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे और अब एनसीपीआई के सांसद बने काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष भी बैठक में शामिल हुए।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बैठक का मुख्य फोकस संसद के मौजूदा सत्र की रणनीति और नकल विरोधी संशोधन विधेयक को लेकर सरकार की आगे की कार्ययोजना रहा। दूसरी ओर, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
यह संशोधन विधेयक सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया था। विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में जोरदार नारेबाजी भी की।
नकल विरोधी विधेयक में क्या है?
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाना है। इसके तहत दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, संपत्ति जब्त करने का प्रावधान और मामलों का तीन महीने के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
क्या है ‘मंगल मिलन’?
‘मंगल मिलन’ एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीतिक बैठक का नया नाम है। इसका उद्देश्य गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय, संसद में साझा रणनीति तैयार करना और प्रमुख विधेयकों पर चर्चा करना है।
संसद सत्र के दौरान यह बैठक सदन की कार्यवाही, बहस में सांसदों की भागीदारी और सहयोगी दलों के नेताओं की भूमिका तय करने का भी महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है। इसमें शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), जनता दल (यूनाइटेड) सहित एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के नेता भी हिस्सा लेते हैं।

