जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी (SP), कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीएसपी के नीले रंग को अपनाने और नीले कपड़े पहनने से विपक्षी दलों की वर्षों पुरानी जातिवादी, संकीर्ण और सामंती सोच नहीं बदल सकती। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के वास्तविक हित और कल्याण की बात करने से पहले इन दलों को अपना दिल और दिमाग साफ करना चाहिए।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सपा, कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों के नेता व कार्यकर्ता अब बीएसपी के नीले रंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंचों और कपड़ों में नीला रंग अपनाने के बावजूद इन दलों की गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति सोच में बदलाव नहीं आया है।
‘सपा का पीडीए भी दिखावा’
बसपा प्रमुख ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों को लेकर सपा की सोच, चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा दोगला रहा है। मायावती ने कहा कि इन वर्गों की वास्तविक हितैषी और अंबेडकरवादी पार्टी केवल बीएसपी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल समय-समय पर इन वर्गों के मुद्दों पर अपना रुख बदलते रहते हैं और उनके लिए यह राजनीति का हिस्सा मात्र है।
निष्कासित नेताओं को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
मायावती ने बीएसपी से अनुशासनहीनता समेत विभिन्न कारणों से निष्कासित किए गए नेताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले गए कुछ लोग अलग-अलग राजनीतिक दलों में चले जाते हैं और कुछ छोटी पार्टियां व संगठन तक बना लेते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों से बहुजन समाज का सामूहिक हित पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी से निकाले गए लोगों को अपने साथ जोड़ने की बात करने वाली कांग्रेस खुद ‘डूबते जहाज’ की तरह है। मायावती ने दावा किया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी अपने जीवनकाल में बहुजन समाज के लोगों को कांग्रेस से दूरी बनाए रखने के लिए आगाह किया था।
अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास पर मायावती का हमला
मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीएसपी द्वारा अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दिए जाने के बाद भी उन्होंने तत्काल इसकी घोषणा नहीं की।
मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास की घोषणा रोकने के लिए पूरी रात अलग-अलग तरीके अपनाए। जब इसमें सफलता नहीं मिली तो अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने ‘मजबूरी’ में राजनीतिक संन्यास की घोषणा की। मायावती ने कहा कि इस मामले में सही समय आने पर पार्टी के लोगों को और भी बहुत कुछ बताया जाएगा।

