जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल से पहले बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अंतरिम आदेश में कहा कि अदालत मौजूदा पात्रता नियमों में विनेश फोगाट के लिए विशेष छूट नहीं दे सकती।
मातृत्व और खेल करियर के बीच संतुलन पर उठे सवाल
हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में मातृत्व और महिला खिलाड़ियों के खेल करियर से जुड़े एक महत्वपूर्ण सवाल पर विचार करने की बात कही है। अदालत यह देखेगी कि मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की खेल में वापसी और प्रतियोगिताओं की पात्रता से जुड़े नियमों के बीच किस तरह संतुलन बनाया जा सकता है।
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी महिला खिलाड़ी को मां बनने और अपना खेल करियर जारी रखने में से किसी एक को चुनने की स्थिति में आना चाहिए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया गया है। आगे की सुनवाई में इस पहलू पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
जुलाई 2025 में मां बनी थीं विनेश
विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं। इसके बाद वह मैटरनिटी लीव से वापस लौटीं। उन्होंने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए होने वाले महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी।
विनेश ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ के चलते वह एक निर्धारित अवधि तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं। इसी अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पात्रता नियमों में विशेष छूट देने की मांग की थी।
क्या है चयन ट्रायल का नियम?
भारतीय कुश्ती महासंघ ने 7 सितंबर को चयन ट्रायल के लिए पात्रता से जुड़े नियम तय किए थे। इन नियमों के तहत पहलवानों के लिए कुछ अनिवार्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी है।
हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। यदि कोई पहलवान निर्धारित अनिवार्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेता है, तो मौजूदा नियमों के तहत उसे चयन ट्रायल के लिए पात्र नहीं माना जा सकता।
विशेष छूट की मांग हुई खारिज
विनेश फोगाट ने अदालत से आग्रह किया था कि उनकी गर्भावस्था और मातृत्व की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष छूट दी जाए और 14 सितंबर के चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने फिलहाल मौजूदा पात्रता नियमों से अलग हटकर उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।
अदालत के इस अंतरिम आदेश के बाद विनेश फोगाट के 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उतरने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। वहीं, मातृत्व के बाद महिला खिलाड़ियों की वापसी और खेल पात्रता के नियमों के बीच संतुलन का सवाल अब इस मामले की आगे की सुनवाई में अहम रहेगा।

