जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार सुबह मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से नाश्ते पर मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। कांग्रेस की ओर से साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में राहुल गांधी और अनवर इब्राहिम के बीच गर्मजोशी भरी बातचीत नजर आई।
एक तस्वीर में राहुल गांधी मलयेशियाई प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब नई दिल्ली में चल रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अपने अंतिम चरण में था।
नाश्ते की मेज पर हुई मुलाकात
सामने आई तस्वीरों में राहुल गांधी और अनवर इब्राहिम नाश्ते की मेज पर बातचीत करते नजर आए। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ मौजूद थीं। तस्वीरों में दोनों नेताओं के बीच सहजता और सौहार्द का माहौल दिखाई दिया।
हाथ मिलाने और मुस्कुराकर अभिवादन करने की तस्वीर भी सामने आई है, जिसे कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।
अंतिम चरण में पहुंचा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
राहुल गांधी और अनवर इब्राहिम की मुलाकात 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन हुई। इससे पहले शनिवार को सम्मेलन में व्यापक नई दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 को अपनाया गया।
शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, स्थिरता और दुनिया के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा हुई। सम्मेलन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में विभिन्न देशों से आए राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों का स्वागत किया।
PM मोदी ने किया विश्व नेताओं का स्वागत
खुले सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में कई देशों के नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग, बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो का हाथ मिलाकर अभिवादन किया।
‘समावेशी वैश्विक विकास’ पर रहा फोकस
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के खुले सत्र का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य को आकार देना’ रखा गया।
सत्र में वैश्विक आर्थिक विकास को अधिक समावेशी और टिकाऊ बनाने के साथ-साथ देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच आपसी समन्वय और सामूहिक प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
पश्चिम एशिया के हालात पर जताई चिंता
नई दिल्ली घोषणा-पत्र में पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर चिंता जताई गई। ब्रिक्स देशों ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की, जिनसे क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
घोषणा-पत्र में पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और शांति की दिशा में प्रयास जारी रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
फलस्तीन के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की अपील
घोषणा-पत्र में इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान के प्रति ब्रिक्स के समर्थन को दोहराया गया। साथ ही फलस्तीन के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थागत समर्थन मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
घोषणा-पत्र में यह भी कहा गया कि गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति सुनिश्चित करना इस्राइल का कानूनी दायित्व है। पश्चिम एशिया में जारी मानवीय संकट को लेकर ब्रिक्स की चिंता सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।
राहुल गांधी और अनवर इब्राहिम की मुलाकात ने खींचा ध्यान
ब्रिक्स सम्मेलन के बीच राहुल गांधी और मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की अनौपचारिक मुलाकात भी चर्चा में रही। नाश्ते के दौरान दोनों नेताओं के बीच सहज और गर्मजोशी भरी बातचीत देखने को मिली। प्रियंका गांधी वाड्रा की मौजूदगी ने भी इस मुलाकात को खास बना दिया।
एक ओर जहां सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा और संवाद जारी रहा, वहीं नेताओं के बीच होने वाली अनौपचारिक मुलाकातों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

