Tuesday, May 5, 2026
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राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर जारी की बुकलेट ‘खेती का खून’

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर मंगलवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि कृषि क्षेत्र पर तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार हो जाएगा जिसकी कीमत मध्यम वर्ग और युवाओं को चुकानी होगी। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आपकी आजादी छीनी जा रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मुट्ठीभर लोगों का देश की अर्थव्यवस्था पर कब्जा हो रहा है। ये सभी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त हैं। वायनाड से सांसद ने कहा कि नए कृषि कानूनों को इस तरह से बनाया गया है कि ये देश के कृषि क्षेत्र को बर्बाद कर देंगे। उन्होंने युवाओं से किसानों का समर्थन करने की अपील की।

राहुल गांधी ने कहा, ‘आज देश के सामने एक त्रासदी आ गई है, सरकार देश की समस्या नजरअंदाज करना चाहती है और गलत सूचना दे रही है। मैं अकेले किसानों के बारे में बोलने वाला नहीं हूं। किसानों का संकट इस त्रासदी का एक हिस्सा मात्र है। यह युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यह वर्तमान के बारे में नहीं बल्कि आपके भविष्य के बारे में है।’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कोशिशों के बावजूद किसान थकने वाले नहीं हैं क्योंकि ‘वे प्रधानमंत्री से ज्यादा समझदार हैं।’

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कृषि कानूनों पर ‘खेती का खून तीन काले कानून’ नाम से बुकलेट जारी की। खेती में एकाधिकार का सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज तक कृषि क्षेत्र का फायदा किसानों और मजदूरों को मिलता था। एक ढांचा था जिसमें मंडिया, आवश्यक वस्तु अधिनियम व अन्य कानून शामिल थे। नए कृषि कानून से तीन-चार लोगों के हाथों में देश की पूरी खेती का ढांचा चला जाएगा। देश को सिर्फ कुछ लोग चला रहे हैं। चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘हवाई अड्डों, बुनियादी ढांचे, दूरसंचार, रिटेल और दूसरे क्षेत्र में हम देख रहे हैं कि बड़े पैमाने पर एकाधिकार स्थापित हो गया है। तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार है। ये तीन-चार लोग ही प्रधानमंत्री के करीबी हैं और उनकी मदद करते हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र अब तक एकाधिकार से अछूता था, लेकिन अब इसे भी निशाना बनाया जा रहा है। ये तीनों कानूनों इसीलिए लाए गए हैं।

राहुल गांधी ने कहा, ‘तीन-चार लोगों के हाथों में नरेंद्र मोदी जी देश की पूरी खेती दे रहे हैं। आज देश के 4-5 लोग नए मालिक बन गए हैं। सरकार सबकुछ खत्म करना चाहती है। किसान सड़कों पर हमारी लड़ाई लड़ रहे है। किसान देश की आम जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे हमारे भोजन की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उनका पूरा समर्थन करना चाहिए। अभी तक खेती पर किसी का एकाधिकार नहीं था। इन कृषि कानूनों से किसानों का हाल आजादी से पहले वाला हो जाएगा।’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसानों को न थकाया जा सकता है और न ही बेवकूफ बनाया जा सकता है। किसान प्रधानमंत्री मोदी से ज्यादा समझदार हैं। उन्हें पता है कि देश में क्या हो रहा है। ये सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि मध्यम वर्ग पर भी हमला है। सरकार को इन तीनों कानूनों को वापस लेना होगा। हम सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ये प्रेस कॉन्फ्रेस भी सरकार पर दबाव बनाने के लिए की गई है।

राहुल गांधी ने कहा, ‘देखिए ये मेरा कैरेक्टर (चरित्र) है, मैं नरेंद्र मोदी से नहीं डरता। मैं अकेला खड़ा हो जाऊंगा। मैं देशभक्त हूं। मैं उनसे भी ज्यादा फैनेटिक (कट्टर) हूं। आज मेरी बात मत मानो, जब गुलाम बन जाओगे तब मानोगे। मैं गुलाम नहीं हूं न।’ जेपी नड्डा के ट्वीट्स का जवाब देते हुए राहुल ने कहा, ‘किसान हकीकत जानते हैं। सभी किसान जानते हैं कि राहुल गांधी क्या करता है। नड्डा जी भट्टा पारसौल में नहीं थे। मेरे पास एक साफ चरित्र है, मैं डरता नहीं हूं, वे मुझे छू नहीं सकते। हां, वे मुझे गोली मार सकते हैं।’

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