- अधिवक्ता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज
- मुकदमा दर्ज न करने पर वकीलों का जमकर हंगामा मवाना रोड जाम की
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गंगानगर थानांतर्गत ईशापुरम निवासी एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने फांसी लगाकर जान दे दी। अधिवक्ता अपने बेटे की ससुराल से चल रहे विवाद के कारण डिप्रेशन में चल रहे थे। मृतक वकील ने सुसाइड नोट में हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक समेत 14 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
सुसाइड नोट में विधायक पर आरोप लगाया गया है कि ससुराल पक्ष से समझौता करने के लिये दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी भी दी। विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से इनकार करने पर वकीलों और परिजनों ने गंगानगर थाने के सामने जमकर हंगामा कर रास्ता जाम कर दिया था।
पुलिस ने बताया कि गंगानगर के ईशा पुरम निवासी अधिवक्ता ओमकार तोमर ने अपने बेटे की शादी खतौली मुजफ्फरनगर में हुई थी। बेटे की पत्नी के साथ विवाद के चलते ससुराल पक्ष के लोगों ने ओमकार तोमर उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि इसके बाद बेटे ने खतौली में ससुराल के लोगों पर फायरिंग कर दी थी।
उसके बाद एडवोकेट ओमकार तोमर और उनके बेटे पर जानलेवा हमले का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। जिसके बाद खतौली पुलिस लगातार ओमकार चौधरी के घर पर दबिश डाल रही थी। परिजनों ने बताया कि अधिवक्ता ओमकार सिंह आरएसएस में ईशापुरम के बस्ती प्रमुख थे। उनका बड़ा बेटा लव कुमार इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता है। छोटा बेटा देवेश साथ में रहता है। सुसाइड के वक्त बेटा देवेश व पत्नी कुसुम कस्तला गांव गए थे। तीन पेज का सुसाइड नोट पुलिस ने बरामद किया है।
पुलिस ने सुसाइड नोट की जानकारी घर वालों को नहीं दी और अपने साथ लेकर चली गई। इस बात को लेकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। जब सुसाइड की जानकारी अन्य वकीलों को हुई तो काफी संख्या में वकील गंगा नगर थाने पहुंच गए और इंस्पेक्टर विजेंद्रपाल राणा से सुसाइड नोट दिखाने की बात करने लगे।
इंस्पेक्टर ने जब आनाकानी की तो वकीलों ने नारेबाजी करते हुए घेराव कर दिया। बाद में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह समेत सैकड़ों वकीलों ने थाने के सामने जाम लगाकर हंगामा शुरु कर दिया। वकीलों के उग्र अंदाज को देखते हुए इंस्पेक्टर ने सुसाइड नोट परिजनों को दिखा दिया।
ओमकार सिंह तोमर खरखौदा के ऐंची गांव के रहने वाले थे। वह तीन भाइयों में मंझले थे। वह अधिवक्ता परिषद में महामंत्री थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी विजेंद्र राणा ने बताया कि तहरीर की जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
इनके खिलाफ हुआ मुकदमा
विधायक दिनेश खटीक, पूर्व प्रधान धर्मपाल, पूर्व प्रधान सहसंरपाल, संजय मोतला, जोगेन्द्र, योगेन्द्र, विनीत, रवित उर्फ रचित, स्वाति, ससुर राजकुमार, मनोज मोतला, बलराज, सास मुकेश और मुनेन्द्र प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
क्या लगाए आरोप
मृतक के बेटे की तरफ से दर्ज मुकदमे में कहा गया कि नामजद लोग ससुराल वालों से चल रहे विवाद में समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। सात फरवरी को विधायक हस्तिनापुर दिनेश खटीक ने अपने फार्म पर पिता ओमकार और परिवार के अन्य लोगों को बुलाया और पिता के साथ बदतमीजी की और 15 लाख रुपये न देने की स्थिति में जान से मारने की धमकी दी।
विधायक ने फोन पर भी पिता को धमकाया था। इस कारण पिता काफी डिप्रेशन में चल रहे थे। 12 फरवरी को नामजद पूर्व प्रधान घर आए और बोले कि विधायक ने भेजा है अगर पैसे नहीं दिये तो हत्या कर दी जाएगी। इस पर एडवोकेट ओमकार ने सुबह साढ़े नौ बजे फांसी लगा ली।
आंदोलन की धमकी
एडवोकेट ओमकार सिंह तोमर के सुसाइड के मामले में विधायक की गिरफ्तारी न होने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन ने आंदोलन करने का ऐलान किया है।
भाजपा नेता आमने-सामने
अधिवक्ता ओंकार तोमर के सुसाइड करने की घटना के बाद हैरान कर देने वाला घटनाक्रम यह भी रहा है कि हस्तिनापुर के भाजपा विधायक दिनेश खटीक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करते हुए भाजपा नेता मुखिया गुर्जर भी गंगानगर थाने के सामने धरना देकर बैठ गए।
इस तरह से इस मामले में भाजपा नेता ही आमने-सामने आ गए। भाजपा विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग भाजपा नेता मुखिया गुर्जर ही कर रहे थे। इससे साफ है कि भाजपा में पर्दे के पीछे बड़ी उठापटक चल रही है, जो अब सड़क पर भी दिखाई देने लगी है।
घटना के विरोध में की मवाना रोड जाम
विधायक और अन्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर सपा जिलाध्यक्ष राजपाल चौधरी, भाजपा नेता मुखिया गुर्जर, कांग्रेस नेता रोहित गुर्जर आदि मवाना रोड पर धरना देकर बैठ गए थे। आरोप है कि अधिवक्ता को इतनी मानसिक यातनाएं दी गई कि अधिवक्ता ने सुसाइड कर लिया।
लोगों ने काफी देर तक मेरठ-मवाना रोड को जाम किया। लोगों के भड़कने के बाद पुलिस भी अचानक बैकफुट पर आ गई तथा हिंसात्मक घटनाएं नहीं बढ़े, इसी को देखते हुए विधायक व दो पूर्व प्रधानों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया। जाम लगाने वालों को यह बताया गया, जिसके बाद ही जाम खुला।
ये बोले-एसपी देहात केशव कुमार
गंगानगर थाने में विधायक समेत 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी और दोषी होने पर कार्रवाई की जाएगी। गंगानगर थाने के सामने जाम लगाया गया था जो खुल गया है।

