- राशन विभाग में सामने आया घोटाला
- अधिकारी जुटे जांच दबाने में मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: राशन डीलर ने फर्जी युनिट का इस्तेमाल कर प्रदेश सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया। हद तो तब हो गई, जब विभाग ने उन फर्जी यूनिट को राशन कार्ड से काट दिया, लेकिन पिछले कई सालों तक उन यूनिटों पर दिये गये राशन की कोई जानकारी नहीं ली।
इस मामले में मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी जांच को दबाने में लगे हुए हैं। यहां तक कि जिस दुकान में यह मामला सामने आया है वह पहले ही निरस्त की जा चुकी थी, लेकिन अभी भी उस दुकान को वहीं दुकानदार चला रहा है। जिसने यह सारा खेल खेला। विभागीय अधिकारी भी इसमें संलिप्त है।
रशीद नगर निवासी अहसान पुत्र मुमताल अली ने मुख्य मंत्री को की शिकायत में बताया कि रशीद नगर में हनीफ अलवी नाम का राशन विक्रेता है। जिसकी दुकान वर्ष 2018 में हुए राशन घोटाले में निरस्त हो चुकी है, लेकिन आरोप है यह दुकान अभी भी हनीफ अलवी और उसक पुत्र ही चला रहे हैं।
जिसमें विभागीय अधिकारी भी संलिप्त हैं। इन्होंने फर्जी यूनिट के जरिये विभाग को अभी तक शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया है। जनता को दिये जाने वाला राशन यह फर्जी यूनिट के सहारे बाजार में बेचकर खा गये। अहसान ने बताया कि यह दुकान निरस्त होने के बाद नबीबन बेगम तारापुरी पर अटैच कर दी गई, लेकिन दुकान अटैच नहीं हुई इसे हनीफ अलवी ही चलाता रहा।
कहां गया इन यूनिटों का राशन
काटी गई इन 1381 यूनिट की बात करें तो दुकानदार ने एक माह में प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं के हिसाब से 41.43 कुंतल माल का गोलमाल किया जिसकी एक माह की कीमत 22 रुपये प्रति किलो बाजार भाव के हिसाब से 91146 रुपये है। वहीं प्रति यूनिट दो किलो चावल की कीमत कीमत बाजार भाव के हिसाब से 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से एक माह में 96670 रुपये का माल बाहर किया।
अगर पूरे वर्ष की बात करें तो दुकानदार ने करीब 22 लाख रुपये का घोटाला किया। इसमें लॉकडाउन के तीन महीने राशन फ्री मिला जिसे मिलाकर यह रकम करीब 28 लाख रुपये पहुंचती है। इतनी संख्या में घोटाला होने के बावजूद जिलापूर्ति विभाग के अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं।
इस मामले को लेकर अहसान ने बताया कि इसके जिला पूर्ति कार्यालय के कई अधिकारी मिले हैं। इनमें एरिये के इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदिग्ध है। इसे लेकन अहसान की ओर से खाद्य आयुक्त लखनऊ, डीएम मेरठ तक शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई न होने पर प्रार्थी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की है।
विभाग ने काटी फर्जी यूनिट
हनीफ अलवी की दुकान पर 15 जनवरी 2020 में 602 कार्ड थे, जिनकी 3410 यूनिट थी। वर्ष के आखिर में दिसंबर माह में यह कार्ड घटकर 487 रह गये और यूनिट रह गई 2029। इन यूनिटों को शिकायत के बाद फर्जी मानते हुए विभाग ने ही काट दिया। विभाग की ओर से इस दुकान से 1381 यूनिट काटी गई और 115 कार्ड कम किये गये।

