Saturday, March 14, 2026
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गिरफ्तारी के फोन पर भड़के डाक्टर, सीएमओ का घेराव

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर के बडे नामी डाक्टर को गिरफ्तारी के फोन कॉल पर आईएमए के डाक्टरों में जबरदस्त नाराजगी है। इसको लेकर उन्होंने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर घेराव व जमकर हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए डाक्टर सड़क पर फर्श पर ही बैठ गए।

उन्होंने सीएमओ कार्यालय की जांच टीम की काबलियत पर भी गंभीर सवाल उठाए। साथ ही पुलिस पर एक चिकित्सक के खिलाफ अनर्गल धाराओं पर मुकदमा दर्ज किए जाने पर भी आंदोलन की चेतावनी दी। यह पूरा मामला मेडिकल थाना के क्षेत्र के गढ़ रोड स्थित एसएम हॉस्पिटल के सीनियर डा. नवीनत गर्ग से जुड़ा है।

उन्होंने बताया कि फूलबाग कालोनी निवासी मनीष गुप्ता उनके यहां आए। जांच से पता चला कि उन्हें हर्निया है। मरीज ने बताया कि उसको पेशाव आने में भी परेशानी है। अल्ट्रासाउंड से पता चला कि उसके गदूद बढ़ गए हैं। मरीज ने दोनों आॅपरेशन करने को कहा। उसकी अनुमति के बाद दोनों आपरेशन कर दिए गए।

मरीज पूरी तरह से स्वास्थ्य हो गया। कुछ परेशानियां थीं उसे समझाया गया कि आपरेशन के कुछ दिनों तक यह रहती हैं। दवाएं लिख दी गई। इस बीच मरीज ने सीएमओ आफिस में शिकायत कर दी। सीएमओ ने तीन डाक्टरों की एक जांच टीम बना दी। जांच टीम ने डा. नवनीत को कसूरवार ठहरा दिया।

इस आधार पर उनके खिलाफ मरीज की तहरीर पर मेडिकल पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा लिख दिया। इसको लेकर बुधवार को आईएमए व नर्सिंग होम संचालक सीएमओ कार्यालय जा पहुंचे। वहां जबरदस्त हंगामा हुआ। पूर्व सेक्रेटरी डा. अनिल नौसरान फर्श पर बैठ गए तो मामला गरमा गया।

उनके देखा देखी सभी डाक्टर फर्श पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। खूब हंगामा हुआ। इस मौके पर डा. भूपेन्द्र चौधरी चर्म रोड विशेषज्ञ, डा. मूलचंद सैनी, डा. निखिल गोयल, डा. अरुण गोयल, डा. नीरज गोयल, डा. पंकज गोयल, डा. आशीष जैन, डा. शरद जैन, डा. राजीव गुप्ता, डा. आशु मित्तल, डा. कुंवर अनीस अहमद, डा. राजकुमार, डा. शिव कांत अग्रवाल, डा. संजीव सक्सेना आदि भी मौजूद रहे।

आज ठप रहेंगी मेडिकल की स्वस्थ सेवाएं

बुधवार को इलाज के लिए मेडिकल न आए तो बेहतर होगा। चार माह से बगैर सेलरी काम कर रहे करीब 250 मेडिकल कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। जहां तक सेलरी की बात है तो आश्वासन व तारीख तो मिल रहीं हैं, लेकिन मेडिकल प्रशासन सेलरी नहीं दे पा रहा है।

हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्टाफ के जिन जो कर्मचारी किराए पर रहते हैं उनमें से कई के कमरे पर मकान मालिक ने ताला डाल दिया है क्योंकि चार माह से किराया नहीं मिला है। दुकान वाले ने उधारी बंद कर दी है। दूध वाला दूध नहीं दे रहा है।

जहां होटल पर खाना खाते थे वहां भी नो एंट्री का बोर्ड टांग दिया है। परिवारों ने भी अब और पैसे भेजने से हाथ खडे कर दिए हैं। ऐसे में अब हड़ताल पर जाने के अलावा कोई दूसरा चार नहीं रह गया है। अवनी के कर्मचारी नेता शिवकुमार गौतम ने बताया कि बेहद बुरे दौर से तमाम कर्मचारी साथी गुजर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी सेलरी की कोई सुरत नहीं नजर आती।

आउट सोर्स कर्मचारियों की यदि बात की जाए तो मेडिकल के आईसीयू, गायनिक वार्ड, आईटी वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, आॅपरेशन थियेटर सरीखे तमाम वार्ड में ड्यूटी करते हैं। अकेले अवनी के 183 कर्मचारी हैं। कुल 250 ऐसे कर्मचारी हैं जो संविदा पर काम कर रहे हैं। वेतन के लिए दर दर भटक रहे स्टाफ ने मंगलवार को मीटिंग की। इस मिटिंग में तमाम स्टाफ ने अपने परेशानियों को रखा।

मीटिंग को जिलाध्यक्ष शिवकुमार गौतम, उपाध्यक्ष प्रीति सक्सेना, संगठन मंत्री रजनीश शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। मीटिंग के बाद सभी कर्मचारी हड़ताल का नोटिस देने डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि मरीजों को होने वाली असुविधा का उन्हें दुख है, लेकिन इसके लिए मेडिकल प्रशासन जिम्मेदार है। कोई भी स्टाफ हड़ताल नहीं चाहता।

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