जनवाणी सवांददाता
मेरठ: माधवपुरम स्थित शहीद मंगल पांडे राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में गुरुवार को मिशन शक्ति समिति के तत्वावधान में एक मानसिक परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। शासन द्वारा युवाओं में बढ़ते अवसाद और निराशा के परिणाम स्वरूप हो रही आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों के दृष्टिगत तथा बालिकाओं में बढ़ रहे तनाव और निराशा के सन्दर्भ में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य परामर्श दाता के रुप में डा. अनीता मोराल, मानसिक परामर्शदाता और सहायक प्रोफेसर मनोविज्ञान, मेरठ कॉलेज, मेरठ उपस्थित रहीं। आज जब कोरोना वायरस के डर से पूरी दुनिया में परिवर्तन हो रहे हैं, नवीन परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं तथा बड़ी संख्या में मृत्यु भी हो रही हैं।

उच्च शिक्षा के तौर तरीकों और परिणामों में भी परिवर्तन हुए हैं। ऐसे में सबके मन में डर, चिंता, तनाव, असमंजस, घबराहट और बेचैनी जैसे कई भावनाएं उत्पन्न हो रही हैं। जिससे छात्र-छात्राओं का मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ है। छात्राओं के मन में बहुत से सवाल हैं, जो लोगों को समझ नहीं आ रहे हैं।
इसी उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। डा. मोराल ने छात्राओं से उनकी आकांक्षाओं और इच्छाओं पर चर्चा करते हुए स्वतंत्रता का अर्थ जिम्मेदारी को बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी मिशन शक्ति प्रो. दिनेश चंद ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संतुष्टि निराशा और अवसाद से उबरने में महत्वपूर्ण है।
छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और असफलता में निराश न होकर और ज्यादा परिश्रम करना चाहिए। कार्यशाला को महाविद्यालय परामर्शदाता डा. लता कुमार और डा. अमर ज्योति ने भी सम्बोधित किया। डा. ममता सागर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम का संयोजन और संचालन डॉ. लता कुमार ने किया। कार्यक्रम में समिति के सदस्यों डा. अनुजा गर्ग, डा. स्वर्णलता कदम, डा. भारती शर्मा, डा. अमर ज्योति, डा. कुमकुम के अलावा डा. गीता चौधरी, डा. अनिता गोस्वामी, डा. आर. सी. सिंह, डा. पारुल मालिक उपस्थित रहे।

