जनवाणी संवाददाता |
झिंझाना: सतगुरु देव स्वामी स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि संसार में तो क्षणिक सुख की ही प्राप्ति हो सकती है। यदि इंसान को जीवन प्रयंत सुख चाहिए तो वह केवल प्रभु चरणों में ही है। प्रभु की कृपा ही भक्तों को हर आपदा व संकट से बचा सकती हैं।
स्वामी स्वरूपानंद गिरी महाराज झिंझाना कस्बे के मंदिर ठाकुरद्वारा में धार्मिक भक्त समाज के अनुयायियों को गुरु ज्ञान से सरोवार कर रहे थे। सत्संग में भगवत कृपा तथा इंसान को मिलने वाले सुख के बारे में बताते हुए स्वामी स्वरूपानंद महाराज ज्ञान रूपी गंगा में श्रद्धालुओं को सरोवार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सृष्टि में प्रत्येक इंसान सुख चाहता है मगर वह जो सुख प्राप्त कर रहा है वह तो क्षणिक है।

चाहे वह निंद्रा का, धन दौलत का, भौतिक सुख हो। उन्होंने कहा की संसार में रहकर मिलने वाला हर सुख कुछ समय के लिए ही होता है। जबकि पूरे जीवन सच्चा सुख प्राप्त करने के लिए प्रभु चरणों में अपने तन व मन को लगाना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने भक्त प्रहलाद और धुर्व के दृष्टांत श्रद्धालुओं को सुनाएं। धार्मिक भक्त समाज के नगर अध्यक्ष नीरज मित्तल और डा. राकेश शर्मा के अलावा सैकड़ों महिला और श्रद्धालु पुरूष मौजूद रहे।
गुरु प्रकटोत्सव पर बुराई छोड़ने का संकल्प लें
शुक्रवार को आर्य समाज मंदिर में ब्रह्मलीन वीतराग स्वामी दयानंद गिरी महाराज का 102वां जन्मदिन मनाया जाएगा। इस मौके पर यहां पहुंचे उनके परम शिष्य स्वामी स्वरूपानंद गिरी महाराज ने कहा कि हम सब को उनके जन्मदिन पर अपनी एक बुराई छोड़ने का संकल्प जरूर लेना चाहिए।

