जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड कर्मचारी की ओर से मंदिर का टेंट उखाड़े जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने काफी हंगामा किया। बता दें कि कैंट क्षेत्र के रजबन पेट्रोल पंप के पीदे करीब 10 सालों से माता का मंदिर बना है। यहां काफी संख्या में लोग पूजा-अर्चना करते हैं।
क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं मंदिर से जुड़ी हैं। सोमवार को कैंट बोर्ड कर्मचारी ने यहां मंदिर के टेंट को उखाड़ दिया और उस टेंट को कैंट बोर्ड कार्यालय में लाकर छोड़ दिया। जबकि कर्मचारी की ओर से यहां मंदिर के पास ही स्थित मजार वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कैंट बोर्ड कर्मचारी ने मंदिर में इस निर्माण को अवैध मानते हुए यह कार्रवाई की। इस संबंध में कैंट बोर्ड में भी शिकायत की गई। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं इसे लेकर क्षेत्र के काफी लोगों ने मंदिर के पास हंगामा भी किया। वहीं बता दें कि क्षेत्र के लोगों ने कैंट बोर्ड में लगे जनता दरबार में कैंट उपाध्यक्ष बीना वाधवा के सामने यहा मामला रखा था, लेकिन इस मामले में छावनी बोर्ड की ओर से ही कोई कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह बात सीईओ के सामने रखने की बात कही थी।
लोगों की पुलिस के साथ हुई नोकझोंक
रजबन में मंदिर तोड़े जाने को लेकर क्षेत्रिय लोगों ने काफी देर तक हंगामा किया। लोग मंदिर के पास ही धरना देकर बैठ गये। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी लोगों की काफी नोक-झोंक हुई। मंडल अध्यक्ष विशाल कन्नोजिया का आरोप है कि कैंट बोर्ड के कर्मचारी असलम ने यह टेंट उखाड़ा है। उनकी ओर से पास ही बनी मजार में कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन मंदिर का टेंट उखाड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि जब वह टेंट लगाने लगे तो पुलिस ने भी उन्हें टेंट नहीं लगाने दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार कर जेल भेजने की धमकी दी। इस दौरान गौरव हुरिया व काफी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

