Monday, March 23, 2026
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प्रशासन के दावों को झुठला रहे 636 डेथ सर्टिफिकेट

  • अप्रैल माह में कोरोना के कारण हो रही सर्वाधिक मौतें, 212 प्रमाण-पत्र बनना बाकी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रशासन भले ही कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़ों को छुपाने में लगा हो, लेकिन जिस तरह से नगर निगम में डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिये लोगों की भीड़ उमड़ रही है वो प्रशासन के दावों को झुठला रही है। शुक्रवार तक नगर निगम के जन्म और मृत्यु कार्यालय में 636 आवेदन पत्र मिल चुके हैं। जबकि इस महीने 424 डेथ सर्टिफिकेट जारी हो चुके हैं। जबकि 212 आवेदनों की जांच चल रही है। गौरतलब है कि गत वर्ष अप्रैल माह में 309 डेथ सर्टिफिकेट बने थे।

नगर निगम के विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि कि एक माह में इतने आवेदन कभी नहीं आए। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। मई में यह संख्या और बढ़ जाएगी। क्योंकि अभी सूरजकुंड समेत अन्य श्मशान घाटों में दाह संस्कार सर्टिफिकेट परिजनों को नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे सैकड़ों की संख्या में आवेदन आने बाकी हैं। लिपिकों का कहना है कि परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर आवेदन आॅनलाइन भी कर सकते हैं।

शासन ने नगर निगम के अलावा भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मेडिकल कालेज व शहर के नर्सिंग होम समेत सभी बड़े निजी अस्पतालों को भी पोर्टल का लॉगिन व पासवर्ड दे दिया है। निगम के वरिष्ठ लिपिक दिनेश सिंह ने बताया कि मेडिकल कालेज में मृत्यु होती है तो मेडिकल कालेज स्तर से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। वहीं, नर्सिंग होम समेत बड़े निजी अस्पताल में मृत्यु होती है तो व्यक्ति की मृत्यु का संस्तुति पत्र अस्पताल सीधे पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

जिनको नगर निगम प्रमाणित कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करेगा। परिजन यह प्रमाण पत्र संबंधित अस्पताल से, नगर निगम से या फिर किसी इंटरनेट कैफे पर जाकर पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन तिथि से 21 दिन के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिये गए हैं। यही नहीं शमशान घाटों के अलावा कब्रिस्तानों में भी शवों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा है।

हालात यह हो गए हैं कि आधा दर्जन कब्रिस्तानों में कब्र पर डालने के लिये मिट्टी की कमी पड़ने लगी है। इससे साबित होता है कि अप्रैल माह में मौतें काफी हुई है, लेकिन प्रशासन कोरोना से मरने वालों की संख्या सिर्फ 55 बता रहा है।


व्यापारी की कोरोना संक्रमित पत्नी की मौत

दौराला: कस्बा निवासी एक व्यापारी की कोरोना संक्रमित पत्नी की शुक्रवार को मौत हो गई। महिला की मौत के बाद से ही बाजार में दहशत का माहौल है। वहीं, एक अन्य व्यापारी की दहशत के चलते मौत हो गई। दौराला-सरधना रोड पर रेलवे फाटक के पास स्थित एक किराना स्टोर की दुकान करने वाले व्यापारी की पत्नी कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित पाई गई थी। तभी से महिला का उपचार चल रहा था।

शुक्रवार को महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत की जानकारी मिलते ही व्यापारियों में दहशत फैल गई। वहीं, मिल बाजार निवासी एक बुजुर्ग व्यापारी की दहशत के चलते मौत हो गई। दो मौत की सूचना पर दौराला के व्यापार संघ ने शोक जताया है। व्यापार संघ अध्यक्ष ठाकुर हरपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में व्यापारियों ने दो मिनट का मौन रखा। इस मौके पर सचिन उपाध्याय, मुनेंद्र भराला आदि मौजूद रहे।

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