- पूरे पेराई सत्र का भुगतान दबाए बैठे हुए है गन्ना किसानों का मलकपुर मिल
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: क्षेत्र के मलकपुर चीनी मिल के पेराई सत्र पिछल साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरु हुआ था। अब मिल का पेराई सत्र अंतिम चरण में है। अभी तक मिल की ओर से पिछले साल का ही गन्ना भुगतान किया है। जबकि इस साल का किसानों को एक रुपया भी भुगतान का नहीं दिया गया। अब मलकपपुर चीनी मिल इस करीब चार सौ करोड़ रुपये के करीब के गन्ने का भुगतान किसानों को कब देगा। इसका मिल अधिकारी भी कोई जबाव नहीं दे रहे हैं। जबकि गन्ना किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मलकपुर चीनी मिल का पेराई सत्र 2020-21 का 11 दिसंबर को शुभारंभ हुआ था। तब से अब तक मिल के पेराई सत्र को करीब पांच माह चलते हो गए हैं। इस दौरान मिल की ओर से करीब 1280 हजार कुंतल गन्ने की पेराई की। इस गन्ने का वर्तमान गन्ना मूल्य के हिसाब से करीब 400 करोड़ रुपये भुगतान होता है। आश्चर्य है कि अभी तक मिल ने इस भुगतान में से एक रुपया भी गन्ना किसानों को नहीं दिया।
गन्ना किसान किस तरह से अपने कार्य करते होंगे। यह तो वहीं जानते हैं। लेकिन प्रदेश सरकार इस मामले में चुप बैठी हुई है। वहीं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी शांत बैठे हुए हैं। अधिकारियों ने पिछले साल के करीब 50 करोड़ रपये के भुगतान के लिए तो पूरा जोर लगा दिया था।
यह भी खैर ही रही कि मिल के अधिकारियों ने पिछले पेराई सत्र का भुगतान कुछ दिन पहले ही दिया है। अब वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान कब होगा। यह किसी को पता नहीं है। इस बारे में अभी तक किसान चुप हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए किसान किसी आंदोलन को नहीं कर सकते हैं।
वहीं इसका फायदा मिल अधिकारी उठा रहे हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन भी बिना किसानों के भुगतान मांगे वह भी आगे कदम उठाने को तैयार नहीं है। गन्ना किसानों का यह आक्रोश कभी भी फूट सकता है।

