Wednesday, June 16, 2021
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फिलहाल, आपदा में अवसर तलाश लिए हैं खनन माफिया

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  • अवैध रूप से किया जा रहा परिवहन, पुलिस पर संलिप्तता के आरोप

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: कोरोना कर्फ्यू में जहां अधिकारी व्यस्त हैं, वहीं पुलिस की साठगांठ से खनन माफिया जमकर यमुना की कोख छलनी कर रहे हैं। अवैध रूप से हो रहे परिवहन में परिवहन विभाग भी चुप्पी साधे है। इसकी मोबाइल गाड़ी कहीं नहीं दिखती। नानौता में हरियाणा के खनन माफिया अपना अवैध रूप से किया गया ढुलान उतरवा रहे हैं।

बता दें कि एक तरफ देशभर में कोरोना को लेकर हा-हाकार मचा हुआ है और आमजन से लेकर शासन-प्रशासन तक इस महामारी को नियंत्रण करने में जुटा हुआ है। वहीं इस महामारी में कुछ लोगों की चांदी कट रही है। कोरोना महामारी के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करा रहे हैं। यही नहीं हरियाणा का सिंडीकेट सक्रिय है।

ये लोग अवैध परिवहन हरियाणा से यूपी में कर रहे हैं। थाना चिलकाना इलाके से ये सभी गाड़ियां यूपी में आ रही हैं। यहीं से इन्हें अन्य जगहों पर आसानी से ले जाया जाता है। जाहिर है कि इतना बड़ा काम खनन माफिया बिना विभागीय सांठगांठ के नहीं कर सकते हैं जिससे यह बात साफ है कि सहारनपुर परिवहन विभाग, सेल टैक्स विभाग, खनन विभाग से लेकर स्थानीय थाना पुलिस भी इसमें शामिल है।

अवैध खनन के खिलाफ जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल सख्ती से कार्रवाई कर चुके हैं लेकिन जब विभागीय लोग ही इसमें संलिप्त हैं तो कैसे कोई ठोस कार्यवाही इन खनन माफियाओं के खिलाफ हो। खनन माफिया फर्जी प्रपत्रों की आड़ में आईजीएसटी की चोरी करते हुए अवैध खनन का अवैध परिवहन कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है चूंकि हरियाणा से यूपी में एंट्री करने के लिए पुलिस वसूली करती है।

इसमें चिलकाना थाना संलिप्त बताया जा रहा है। नानौता में बन रहे हाईवे में यहां की सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन सवाल ये है कि सरकार के कठोर निर्देशों के बाद क्यों कर अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है। इससे तो हर रोज उप्र सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की हा्िन हो रही है।


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