- बारिश ने खोली एनएचएआई के निर्माण की पोल, मिट्टी का हो रहा कटाव
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: बारिश ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण की कलई खोल दी। दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर सड़क के बीच बने गड्ढे बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। एनएचएआई के अधिकारी इसको लेकर लापरवाह बने हुए हैं। मेरठ-डासना एक्सप्रेस-वे की हालत ऐसी हो गई, जैसे यह एक्सप्रेस-वे कंक्रीट, लोहे, सीमेंट का नहीं, बल्कि कागज का बना हो।
बारिश की वजह से एक्सप्रेस-वे की मिट्टी का जबरदस्त कटान हो गया। जिस कारण एक्सप्रेस-वे के नीचे पचास फुट गहराई तक सुरंग बन गई। एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले मुसाफिरों को तनिक भी अंदाजा नहीं है कि वो मौत के एक्सप्रेस-वे पर सफर कर रहे हैं।
सोमवार को भी बारिश चली। बारिश बंद होने के बाद ‘जनवाणी’ टीम ने मेरठ से डासना एक्सप्रेस-वे पर दौरा कर देखा तो जगह-जगह मौत के गड्ढे बन गए हैं। जनवाणी छायाकार ने इस दौरान कई तस्वीर कैमरे में कैद कर ली, जो एनएचएआई की कलई खोल रही है। तस्वीरें देखकर खौफ भर जाता है। गड्ढों को देखकर लगताहै कि कभी बड़ा हादसा एक्सप्रेस-वे पर हो सकता है।
एक्सप्रेस-वे के बराबर में लगी मिट्टी की ‘मड़ प्रेसिंग’ सही प्रकार से ना होने के कारण बारिश ने मिट्टी का कटान कर दिया। मिट्टी बारिश के पानी से हुए कटाव में चली गई, जिसके बाद स्थ्ािित गंभीर हो गई। इसी वजह से एक्सप्रेस-वे पर दिक्कत पैदा हो गई है।
फिर इसको लेकर एनएचएआई अभी गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसको भरने का कार्यक्रम भी नहीं चल रहा है। जहां पर एक्सप्रेस-वे में गड्ढे बने हैं, उनके आसपास कोई बोर्ड भी नहीं लगा। गड्ढों का पता ही नहीं चलता है। क्योंकि वाहन स्पीड़ से एक्सप्रेस-वे पर दौड़ते हैं। ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

