जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: यह तस्वीर बुधवार को अफगानिस्तान के फराह शहर की है। यहां तालिबान के आतंकी गश्ती करते हुए। तालिबान का दावा है कि वह अफगानिस्तान के 85 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर चुका है। वहीं, रॉयटर्स न्यूज एजेंसी इस आंकड़े को 65 प्रतिशत बता रही हैं।
अफगानिस्तान में महिलाओं पर तालिबान की क्रूरता की कहानियां सामने आ रही हैं। ‘द गार्डियन’ ऐसी ही एक 22 वर्षीय महिला पत्रकार की आपबीती सामने लाया है। यह पत्रकार कहती हैं, ‘तालिबान ने उत्तर अफगानिस्तान में मेरे शहर पर कब्जा कर लिया था।
इस घटना के दो दिन बाद मुझे घर छोड़कर भागना पड़ा। मैं अब भी अपने शहर से दूर सुरक्षित जगह की तलाश में हूं। पिछले हफ्ते तक मैं रिपोर्टर थी। अब मैं अपने नाम से नहीं लिख सकती। कुछ ही दिन में मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं डरी हुई हूं। नहीं जानती घर लौटूंगी या नहीं। माता-पिता को फिर देख सकूंगी या नहीं। सभी रास्ते बंद हैं। मेरे पूरे प्रांत पर तालिबान का कब्जा हो चुका है।’
पत्रकार आगे बताती हैं, ‘तालिबान अफगानी जबरन लड़कियों की शादी अपने आतंकियों से करा रहे हैं। मैं भी सुरक्षित नहीं हूं। मेरे लिए प्रार्थना करें। तालिबान मेरी और मेरे सहयोगियों की तलाश करते हुए हमारे पास पहुंच जाएगा। मेरे मैनेजर ने फोन पर मुझसे कहा था कि किसी भी अंजान नंबर से आए कॉल पर जवाब मत देना। कहीं छिप जाओ।
मैं जब घर से भागने के लिए सामान बांध रही थी, तब मुझे गोलीबारी और रॉकेट की आवाज सुनाई दे रही थी। विमान और हेलीकॉप्टर हमारे सिर के ऊपर से उड़ रहे थे। घर के बाहर सड़कों पर मारपीट हो रही थी। मेरे चाचा ने मुझे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की पेशकश की। इसलिए मैं फोन और बुर्का लेकर वहां से निकल आई।’
एक होकर अपने देश के लिए लड़ें अफगान नेता: बाइडेन
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि उन्हें अफगानिस्तान से सैनिक बुलाने पर अफसोस नहीं है। अफगानिस्तान के नेताओं को एक होकर देश के लिए लड़ना चाहिए। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में बाइडेन ने कहा कि अफगानिस्तान से किए वादे अमेरिका पूरे करता रहेगा। इनमें हवाई सहायता, सेना का वेतन और उपकरणों की सप्लाई शामिल है।

