Wednesday, March 18, 2026
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आत्मा को निर्मल कर परिग्रह का त्याग करना उत्तम आंकिचन्य

  • दशलक्षण पर्व के नौंवे दिन श्री जी का सामूहिक पूजन किया

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: दशलक्षण धर्म के नौंवे दिन उत्तम आंकिचन्य धर्म पर चर्चा करते हुए जैन वक्ताओं ने कहा कि
आवश्यकता के अनुसार वस्तुओं को रखना आंकिचन्य धर्म है, लेकिन अपनी आत्मा में निर्मलता ला कर केवल आत्मा का ध्यान करते हुए सांसारिक वस्तुओं का त्याग करना उत्तम आंकिचन्य धर्म है। इस मौके पर श्री दिगम्बर जैन पंचायती व सरजयती मंदिर में सामूहिक पूजन किया गया।

पूरी खबर के लिए पढ़े जनवाणी
एजेन्ट गुप्ता जी 9639005146

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