- भाजपा के पूर्व विधायक ने सीएम को पत्र भेजकर की जांच की मांग
- सहकारी समितियों और पांच रुपये का आवेदन शुल्क वसूले जाने पर आपत्ति
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रिक्त राशन की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता व पूर्व विधायक गोपाल काली ने आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में जांच कराकर दोषी आपूर्ति अफसरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को सीएम को भेजे गए पत्र में आवेदन शुल्क के नाम पर पांच-पांच सौ रुपये में फार्म बेचे जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी गयी है। बकौल पूर्व विधायक शासनादेश में कहीं भी फार्म के नाम पर पांच-पांच सौ रुपये वसूले जाने का प्रावधान नहीं है। अन्य जनपदों में जहां शासन के निर्देश पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
वहां फार्म के नाम पर किसी प्रकार का आवेदन शुल्क नहीं लिया गया है। पत्र में कहा गया है कि आवेदन शुल्क वूसलने के संबंध में ये सुनने में आया है कि आवेदन शुल्क का कोई हिसाब किताब नहीं रखा जाएगा। इससे प्राप्त होने वाली लाखों की रकम की बंदबाट की जानी है।
शासनदेश संख्या 27/8/26.06.2014-168 सा./2014 दिनांक 19-12-2014 में सहकारी समितियों को राशन की दुकान आवंटित करने में वरीयता देने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, परंतु डीएसओ कार्यालय द्वारा निकाली गयीं नयी राशन की दुकानों की रिक्तियों में सहाकरी समितियों को वरीयता न देते हुए उनसे कोई आवेदन तक नहीं आमंत्रित नहीं किया गया है।
जबकि मेरठ मंडल के ही अन्य जनपद गाजियाबाद में नयी रशन की दुकानों के लिीए निकाली गयीं रिक्तियों में सहकारी समितियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सहकारी समितियों को वरीयता न देने का उद्देश्य प्राइवेट नियुक्तियों में सुविधा शुल्क वसूलना आसान रहेगा।
पूर्व विधायक का आरोप है कि पूर्व में की गयी नियुक्तियों में ऐसा ही किया गया है। एक अन्य शासनादेश को भी इन नई दुकानोंकी रिक्तियों में ताक पर रखा गया है।
शासनदेश के अनुसार जिन दुकानों पर 300 सौ से कम राशन कार्ड हैं उन दुकानों का अस्तित्व समाप्त कर निकटवर्ती राशन की दुकान में विकल्य करना है। परंतु मेरठ में तीन सौ राशन कार्ड से कम राशन कार्ड वाली रिक्त राशन की दुकानों का विलय करने की जगह अवैध धनोपार्जन के लिए उनकी भी नियुक्तियां निकाल दी हैं। भाजपा नेता ने सीएम से दुकानों की नियुक्तियां निरस्त करने की मांग की है।
ये कहना है पूर्व विधायक का
पूर्व विधायक गोपाल काली का कहना है कि राशन की दुकानों के आवंटन में गंभीर धांधलियां बरती जा रही हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से कर आवंटन प्रक्रिया निरस्त कराए जाने की मांग की गयी है।

