जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी लंबे समय से लगातार किसानों के मुद्दे पर यूपी की योगी सरकार को सलाह दे रहे हैं। वह अक्सर ही यूपी सरकार को पत्र लिखने के साथ ही ट्वीट आदि करके भी किसानों के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराते रहते हैं। शनिवार को भी वरुण ने उत्तर प्रदेश में धान की फसल को लेकर मंडियों में किसानों की उपेक्षा संबंधित मुद्दे पर ट्वीट किया।
वरुण गांधी ने शनिवार को एक किसान का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश के किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी। इस व्यवस्था ने किसानों को कहां लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी जरूरत है।’
उत्तर प्रदेश के किसान श्री समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी। इस व्यवस्था ने किसानों को कहाँ लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
उत्तर प्रदेश के किसान श्री समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी।
इस व्यवस्था ने किसानों को कहाँ लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। pic.twitter.com/z3EjYw9rIz
— Varun Gandhi (@varungandhi80) October 23, 2021
वरुण ने अपने ट्वीट में कृषि नीति पर दोबारा चिंतन करने की जरूरत बताई है। अपने ट्वीट के माध्यम से उन्होंने कहा है कि अगर ऐसी व्यवस्था है जिसमें किसानों को मजबूरन अपनी फसल को ही आग लगाना पड़े तो ऐसी नीति पर फिर से चिंतन-मनन करने की आवश्यकता है। इससे पहले वरुण ने लखीमपुर में हुई हिंसक घटना के विरोध में भी कई ट्वीट किए थे और योगी सरकार से दोषी को सजा दिलाने की बात कही थी।
वरुण गांधी ने बिना प्रत्यक्ष हमला किए हमेशा सरकार की कृषि नीतियों का विरोध किया है। वह हमेशा ही उन किसानों के समर्थन में भी रहे हैं जो केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

