जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सोमवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा में फैक्टरी कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। मुख्य रूप से होजरी काम से जुड़े कर्मचारियों ने इसमें भाग लिया। प्रदर्शन की वजह थी न्यूनतम वेतन, काम पर सुविधाएँ, छुट्टियां और वेतन हर महीने की 10 तारीख को देने की मांग। कर्मचारियों ने बीते कई दिनों से प्रशासन से इन मुद्दों पर वार्ता की थी और धरना भी दिया था।
हालांकि प्रशासन ने अधिकांश मांगें मानने के लिए सहमति जताई, लेकिन वेतन वृद्धि पर सहमति नहीं बन पाई। इसी कारण सोमवार को प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर गया। मंगलवार को भी नोएडा के कुछ इलाकों में प्रदर्शन की खबरें आई हैं।
प्रदर्शन का ट्रिगर
हरियाणा सरकार ने इसी महीने 10 तारीख को फैक्टरी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके अनुसार अकुशल कर्मचारियों का मासिक वेतन लगभग ₹11,274 से बढ़कर ₹15,220, कुशल कर्मचारियों का ₹13,000 से लगभग ₹18,000 और उच्च-कौशल कर्मचारियों का ₹14,000 से ₹19,000 कर दिया गया।
इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश में नोएडा के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन अभी भी ₹11,313 (अकुशल) से ₹13,940 (कुशल) के बीच है। दैनिक वेतन के मामले में नोएडा में ₹435-536 प्रतिदिन मिलते हैं, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम और मानेसर में यह ₹585-747 तक पहुँच गया है। वेतन अंतर और बढ़ती महंगाई के कारण नोएडा में कर्मचारियों में असंतोष फैल गया।
न्यूनतम वेतन श्रेणियाँ और राज्यवार तुलना
फैक्टरी कर्मचारियों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है:
अकुशल: चपरासी, स्वीपर, सुरक्षा गार्ड, संदेशवाहक आदि
अर्ध-कुशल: सहायक अकाउंटेंट, अर्दली आदि
कुशल: क्लर्क, टाइपिस्ट, इन्वेंट्री स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट आदि
उच्च-कौशल: हेड असिस्टेंट, सीनियर अकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, रिसर्च स्टाफ, ऑफिस सुपरवाइजर, गोदाम प्रभारी आदि
पश्चिम बंगाल
9 जनवरी 2026 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, पश्चिम बंगाल में न्यूनतम वेतन 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक दो क्षेत्रों (जोन) के आधार पर निर्धारित किया गया है। इसमें अकुशल से उच्च-कौशल श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन की दरें तय की गई हैं।

