Sunday, March 15, 2026
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शिक्षामित्र ने फिर पवित्र रिश्ते को किया तार-तार

  • आंखों पर पट्टी बांध छः वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म का प्रयास
  • चार घंटे तक कमरे में बंद रहा अध्यापक
  • ग्रामीणों ने किया हंगामा, अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: शिक्षामित्र ने शर्मसार करने वाली वारदात को अंजाम देकर गुरू शिष्य परंपरा को कलंकित किया है। ऐसा ही मामला थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर गढी का है जहां शिक्षा पायदान पर कदम रखने के लिए स्कूल पहुंची बच्ची के साथ शिक्षामित्र ने छेड़छाड़ करते हुए अश्लील हरकतें करने लगा।

बच्ची का शोर सुनकर तथा ग्रामीणों को मौके पर आते देख शिक्षामित्र ने अपने आपको स्कूल के कमरे में बंद कर लिया। ग्रामीणों के हंगामे के बाद आलाधिकारियों के मौके पर पहुचने पर ग्रामीणों ने शिक्षामित्र को पुलिस के हवाले किया।

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स्कूल परिसर में उपस्थित ग्रामीणों की भीड़

जानकारी के अनुसार कलयुगी मवाना थाना के खेड़की जरीब निवासी कलयुगी शिक्षामित्र सचिन पुत्र कमल सिंह को 2006 में शिक्षामित्र के पद से भर्ती हुआ था।

सपा सरकार में शिक्षा मित्रों की सहायक अध्यापक के पद पर अकबरपुर गढी में तैनाती हुई लेकिन, भाजपा सरकार ने शिक्षा मित्रों को वापस उनके पदों पर भेज दिया। कलयुगी शिक्षामित्र की तैनाती अकबरपुर गढी में रही।

लॉकडाउन के बाद सरकार ने स्कूल खोलने के आदेश दिये तो सभी अध्यापक स्कूल तक आने लगे और बच्चों के स्कूल में एडमिशन भी लेने लगे।

ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी एक परिवार ने अपनी लगभग छह वर्षीय बच्ची का एडमिशन सोमवार को गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में कराया।

छह वर्षीय बच्ची मासूम बच्ची मंगलवार को स्कूल में पहुंची तो कलयुगी शिक्षामित्र ने बच्ची को अपने पास बुलाकर खेल के बहाने आंखों पर पट्टी बांध दी और अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी।

बच्ची को दर्द हुआ तो बच्ची ने शोर मचा दिया। जिसे सुनकर आस पास के लोगों मौके पर पहुंचे तो गुरू की हरकत देख हक्का बक्का रह गए। मामले की स्थिति को भांप मौके का फायद उठा कलयुगी शिक्षामित्र ने अपने आपको कमरे में बंद कर लिया।

खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और सूचना थाना पुलिस को मिली, आनन फानन में थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने जब तक कमरे में बंद शिक्षामित्र के कक्ष पर ताला लगा दियाा। शिक्षामित्र को पुलिस को सौंपने से इंकार कर हंगामा शुरू कर दिया।

लगभग चार घंटे चले हंगामे के बाद उपजिलाधिकारी कमलेश गोयल, सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह के मौके पर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने कलयुगी शिक्षामित्र को थाना पुलिस के हवाले किया।

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