जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिले में डेंगू बुखार के रीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। डेंगू ने जिले में कहर बरपा रखा है। डेंगू का स्तर खतरनाक होता जा रहा है। रविवार को जिले में डेंगू के 34 नए मरीज मिले। डेंगू के सक्रिय मरीजों की संख्या 275 है। वहीं, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 94 है। उधर, घर पर इलाज ले रहे मरीजों की संख्या 181 है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है।
वहीं, डेंगू बुखार शहर से लेकर गांव देहात तक पहुंच चुका है। अब तक जिले में कई लोगों का डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। डेंगू संक्रमण लगातार फैलता ही जा रहा है। इससे लोगों में दहशत है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए पूरे बाजू के कपड़े पहनें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें।
डेंगू के लक्षण दिखने पर तत्काल खून की जांच कराएं एवं डॉक्टर से परामर्श लें। सिर दर्द, बदन दर्द, चक्कर आना, कमजोरी, बेहोशी, उल्टी, जोड़ों में दर्द डेंगू के लक्षण हैं। डेंगू के लक्षण दिखने पर शुरुआत से ही सावधानी बरतें। इससे डेंगू जानलेवा नहीं बनेगा। उधर, डेंगू मरीजों के बढ़ने से सरकारी व निजी अस्पतालों में प्लेटलेट्स की मांग अधिक हो गई है। ब्लड बैकों में प्लेटलेट्स के लिए लंबी लाइन लगी हुई है।
डेंगू से आर्मी के जवान की मौत
लावड़: देहात क्षेत्र में डेंगू की जानलेवा बीमारी का प्रकोप लगातार पनप रहा है। इसकी रोकथाम के लिए अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते देहात क्षेत्र में ग्रामीणों में रोष दिखाई दे रहा है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप के कारण रविवार को चिंदौड़ी में डेंगू से एक आर्मी के जवान की मौत हो गई।
जवान की मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया। जवान को गॉड आॅफ आॅनर देकर अंतिम विदाई दी गई। उधर, जवान के परिजनों को सांत्वना देने के लिए विधायक ठा. संगीत सोम भी पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गांव निवासी 28 वर्षीय राजदीप 2013 में आर्मी में भर्ती हुए थे।

वर्तमान में जवान फरीदकोट पंजाब में ड्यूटी कर रहे थे। गत 14 अक्टूबर को वह छुट्टी आए हुए थे। जिसके आने के कुछ दिन बाद से ही उनकी तबीयत खराब चल रही थी। गत 23 अक्टूबर को राजदीप को ज्यादा तबीयत खराब होने के कारण एसडीएस ग्लोबल में भर्ती कराया था, लेकिन डेंगू का प्रकोप शरीर में इतना बढ़ गया। जिससे उनकी जान न बच सकी और अस्पताल में ही इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी नीतू व दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

