जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डेंगू का डंक धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। डेंगू बुखार के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। शुक्रवार को डेंगू के 10 नए मरीज मिले। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि अब तक जिले में डेंगू के कुल 1518 मरीज मिल चुके हैं। इनमें डेंगू के सक्रिय मरीजों की संख्या 246 है।
वहीं, डेंगू के 67 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। घर पर इलाज ले रहे डेंगू मरीजों की संख्या 179 है। अब तक डेंगू के 1272 मरीज रिकवर हो चुके हैं। बीते दिनों डेंगू से कई मरीजों की मौत हो गई थी, लेकिन अब मौसम में बदलाव के कारण डेंगू का डंक कम होता जा रहा है।

हालांकि डेंगू का प्रकोप अभी पूरी तरह से गया नहीं है। ऐसे में डेंगू से सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। डेंगू कभी भी हमला कर सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू से लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। डेंगू के लक्षण उभरने पर बिल्कुल भी नजर अंदाज न करें।
डाक्टर की सलाह से हा दवा लें। स्वयं की मर्जी से दवा बिल्कुल न लें। घर के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खाली पात्रों, बर्तनों एवं गमलों में पानी एकत्र न होने दें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी आस्तीन के कपड़ें पहनें। मास्क का उपयोग करें।
ओपीडी में मरीजों की भरमार
वायरल फीवर, खांसी जुकाम के चलते जिला अस्पताल, मेडिकल एवं निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रही। वहीं, शहर की प्रदूषित हवा के कारण अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डा. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि इन दिनों अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। बड़ी संख्या में ओपीडी में अस्थमा के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें जुकाम, एलर्जी एवं सांस फूलने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
प्रदूषित वातावरण में अस्थमा के मरीजों को ज्यादा घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अस्थमा मरीज यदि घर से निकलें तो मास्क का प्रयोग अवश्य करें। घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें। जिससे प्रदूषित हवा घर के अंदर प्रवेश न कर सके।

