- बकाया गन्ना भुगतान को लेकर विवादित किनौनी शुगर मिल पर किसानों ने की तालाबंदी
- पूरे दिन चला धरना-प्रदर्शन, मिल प्रशासन और जिला गन्ना अधिकारी ने दिया 25 तक का समय
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: बजाज शुगर मिल विवादित किनौनी पर गत सीजन के चले आ रहे 171 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर क्षेत्र के किसानों ने किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार को मिल गेट पर धरना दिया। लगभग छह घंटे तक चले धरने के बाद मौके पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वस्त करते हुए धरना समाप्त कराया।
गौरतलब है कि बजाज शुगर मिल विवादित किनौनी पर गत गन्ना किसानों का सीजन के 171 करोड़ रुपये बकाया चला रहा है। जबकि चालू सत्र का आधा सीजन बीतने के बाद भी भुगतान मिल प्रबंध तंत्र ने देना अभी तक भी भुगतान शुरू नहीं किया है। जिससे किसान के बच्चों की स्कूल फीस, घरेलू खर्च तक के लिए पाई-पाई के लिए मोहताज हो चुके हैं।
जबकि इसके विपरीत जनपद की अन्य चीनी मिले चालू सत्र के भी खरीदे गए गन्ने का भुगतान गन्ना नीति के तहत 14 दिन के अंदर कर रही है। इससे आहत होकर सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने प्रदेश के किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष व मालियान गन्ना समिति के चेयरमैन बिजेंद्र प्रमुख ने सोमवार को क्षेत्र के किसानों के साथ मिलकर बजाज शुगर मिल विवादित किनौनी के मुख्य गेट पर तालाबंदी करते हुए अनिश्चितकालीन 11 बजे से धरना शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुए बिजेंद्र प्रमुख ने कहा कि किनोनी चीनी मिल प्रबंध तंत्र किसानों के भुगतान देने में अपनी तानाशाही चला रहा है।
प्रदेश की अन्य चीनी मिले सरकार की गन्ना नीति के तहत समय पर गन्ने का भुगतान कर रही है। जबकि गन्ना विभाग व सरकार भी बजाज ग्रुप पर गन्ने का भुगतान दिलाने के लिए बार-बार दबाव बना रही है, लेकिन यह ग्रुप अपनी मनमानी चलाते हुए किसानों का शोषण करने पर आमादा है। इसके सामने सरकार भी कभी कोई मायने नहीं है, लेकिन अब बजाज ग्रुप की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
जब तक विवादित किनौनी मिल प्रबंध तंत्र किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को अदा नहीं करता है। और चालू सत्र के गन्ना भुगतान को गन्ना नीति के तहत 14 दिन अदा करने का आश्वासन किसानों को नहीं देगा तब तक मिल गेट पर धरना जारी रहेगा। यह सुनकर मिल प्रबंध तंत्र व वहा मौजूद पुलिस-प्रशासन प्रबंधन तंत्र ने किसान प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर धरने को समाप्त करने की गुहार लगाई।
एक घंटे तक दोनों के बीच चली वार्ता में मिल प्रबंध तंत्र किसानों के प्रतिनिधिमंडल को संतुष्ट नहीं कर पाया। इससे नाराज होकर किसान धरने पर आकर बैठ गए। चेतावनी दे दी कि जब तक पिछले वर्ष के बकाया चले आ रहे गन्ने के 171 करोड़ बकाया व चालू सत्र का भुगतान अदा नहीं किया जाएगा। तब तक किसान धरने पर डटे रहेंगे।
कड़ाके की ठंड में किसानों के सख्त तेवर देख मिल प्रबंध तंत्र व गन्ना विभाग के हाथ-पांव फूल गए। शाम पांच बजे जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले किसानों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों को सुना। वार्ता के बाद जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार व मिल उपाध्यक्ष केपी सिंह व गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह गन्ना समिति सचिव श्रीपाल यादव के साथ पुन: धरने पर पहुंचे और किसानों को बताया कि गत सीजन के एक सप्ताह का बकाया भुगतान आज किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। बाकी गत सीजन का बकाया 171 करोड़ रुपया भुगतान हर हाल में 25 जनवरी तक पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।
धरने की अध्यक्षता जगत सिंह ने तथा संचालन कंवरपाल प्रधान मीरपुर ने किया। धरने में सुभाष प्रधान डालमपुर, सुधीर कल्याणपुर, विनय फौजी, रिछपाल जिमाना, कमल सिंह, कल्याणपुर, सुरेंद्र मेजर, भोपाल सिंह डायरेक्टर, आनंदपाल सिंह, नजाकत अली, सुरेश पाल सिंह, संजय, मोनू त्यागी प्रधान बादाम, मुकेश चिंदौड़ी, सुकरमपाल, धर्मपाल मढ़ी, जयपाल सिंह, उदयवीर सिंह, लोकेश चिंदौड़ी, ओमवीर सिंह, दिनेश, मास्टर कुलदीप, रमन सांगवान, बलवान सिंह आदि मौजूद रहे। थाना प्रभारी रोहटा उपेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर जमे रहे।