जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: मकर संक्रांति भारत का प्रमुख पर्व है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवुश करते हैं तभी यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। शनि देव मकर राशि के स्वामी है। अत इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।
धार्मिक संस्थान विष्ष्णुलोक के ज्योतिष पंडित ललित शर्मा ने बताया कि 14 जनवरी दिन शुक्रवार को सूर्य दोपहर दो बजकर 29 मिनट पर शनि की मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं।
पुण्यकाल संक्रमण के 16 घटी पूर्व से माना जाता है इसलिए संक्रांति का पुण्य काल प्रात आठ बजकर पांच मिनट पर मनाया जाएगा।
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