- गोपाल की मौत की सूचना पर गुस्साई भीड़ ने घेरी कोतवाली
- भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की तो पुलिस ने फटकारी लाठी
- अब तक दो आरोपी हो चुके गिरफ्तार, विधायक और डीएम-एसएसपी पहुंचे
जनवाणी संवाददाता |

सरधना: क्षेत्र में युवक की हत्या की सूचना के बाद मंगलवार को सरधना कोतवाली में जमकर बवाल हो गया। लोगों की भीड़ ने कोतवाली का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं आक्रोशित भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया।

मगर यहां भीड़ शांत होने के बजाय और भड़क गई। लोगों ने थाने के बाहर बैठकर जाम लगा दिया। भीड़ हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी। तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल सरधना पहुंच गया। लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। विधायक संगीत सोम व डीएम-एसएसपी ने लोगों को समझाकर शांत किया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग वापस लौटे। मामले को लेकर कब्जे में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि कोतवाली क्षेत्र के कुशावली गांव निवासी गोपाल पुत्र विनोद सरधना में कोचिंग करता है। सोमवार को पांडुशिला रोड पर आधा दर्जन से अधिक युवकों ने उस पर हमला कर दिया था। आरोपियों ने उस पर बर्फ फोड़ने वाले सुए से ताबड़तोड़ प्रहार किए थे। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे गंभीर हालत में दिल्ली रेफर कर दिया गया था। जहां पर उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

फिलहाल घायल गोपाल को वेंटीलेटर पर रखा हुआ है। मंगलवार को क्षेत्र में गोपाल की हत्या की फर्जी सूचना फैली तो तनाव की स्थिति पैदा हो गई। दिन निकलते ही कस्बे में भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दिया गया। करीब 11 बजे लोगों की भीड़ कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली पहुंच गई। गुस्साएं लोगों ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इतना ही नहीं थाने से बाहर आकर कुछ लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठी भांजनी शुरू कर दी। इससे भीड़ और भड़क गई। लोग कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। लोगों और पुलिस के बीच खूब नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई। लोग हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

फिर विधायक संगीत सोम, डीएम के. बालाजी व एसएसपी प्रभाकर चौधरी लोगों के बीच पहुंचे। एसएसपी ने लोगों को बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शानू मलिक व शाहनवाज नाम के युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों को तलाश किया जा रहा है। जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विधायक ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की जिम्मेदारी लेकर लोगों को वापस भेजा। मामले को लेकर कस्बे में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
विधायक की सूझबूझ से शांत हुआ मामला
युवक की हत्या की सूचना के विरोध में एक बार को कस्बे का माहौल इतना गरमा गया था कि पुलिस के भी हाथ पैर-फूल गए थे। लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए थे। मगर विधायक संगीत सोम की सूझ बूझ से मामला शांत हुआ। विधायक ने मौके पर पहुंच कर पहले एसएसपी से बात की। इसके बाद लोगों को समझाया की हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
कुछ लोग गंदी राजनीति के चलते क्षेत्र का माहौल खराब कराना चाहते हैं। हमें उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देना है। क्षेत्र में शांति का माहौल बनाकर रखना है। विधायक ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की खुद जिम्मेदारी ली। कहा कि वह खुद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। विधायक ने जोर देकर लोगों को वापस जाने के लिए कहा। इसके बाद लोग शांत हुए और वापस लौटे।
दहशत के चलते दुकानें हो गई बंद

माहौल इतना गरमा गया था कि कुछ युवकों ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। दहशत के चलते लोगों ने दुकानों के शटर गिराने शुरू कर दी। कुछ देर के लिए बाजार बंद हो गए थे।
पहले भी हुआ था झगड़ा

लोगों से बात करते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि करीब 20-25 दिन पहले भी इन युवकों में किसी एक की गर्लफ्रेंड को लेकर झगड़ा हुआ था। तब तो मामला निपट गया था। मगर तनातनी बनी हुई थी। सोमवार को एक पक्ष के युवकों ने इस घटना को अंजाम देने का काम किया। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
जिस जगह पर गोपाल पर हमला किया गया था। वहां आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। जिसके आधार पर पुलिस ने अधिकांश हमलावरों की पहचान कर ली है। जिनमें से दो को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। बाकी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
घटना की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस-प्रशासन रात को ही अलर्ट हो गया था। दिन निकलते ही कस्बे में भारी संख्या में फोर्स बुला लिया गया था। कस्बे के चारों ओर फोर्स लगाया गया था। इतना ही नहीं पुलिस ने बीएसएफ के साथ कस्बे में फ्लैग मार्च निकालकर व्यवस्था का जायजा लिया।
चौकी पर तैनात पुलिस पर कार्रवाई की मांग
सोमवार को गोपाल पर हमले की घटना अशोक की लाट पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई थी। लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि पुलिस गंभीरता दिखाती तो बात यहां तक नहीं पहुंचती। लोग चौकी पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जिस पर एसएसपी ने लोगों को आश्वासन दिया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हाथ टूटने पर बिगड़ा मामला
माहौल गरमाने पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठी फटकारी तो भगदड़ मच गई। पुलिस की लाठी की शिकार हुए अजय पुत्र देवेंद्र का हाथ टूट गया। पुलिस उसे पकड़ कर कोतवाली ले गई। लोगों ने उग्र रूप दिखाया तो उसे छोड़ा गया और डॉक्टरी कराई गई। लोगों ने अजय की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग भी रखी। जिस पर कप्तान ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

