Tuesday, March 31, 2026
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वैश्विक मार्केट पर पड़ रहा रूस-यूक्रेन संकट का असर

जनवाणी ब्यूरो । 

नई दिल्ली: दीपक 18 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भी भारतीय इक्विटी बाजार लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। बीते हफ्ते बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया। वहीं दूसरी ओर रूस और यूक्रेन में संकट के बादलों का साया वैश्विक बाजारों पर भी विपरीत प्रभावत डाल रहा है और यहां भी गिरावट देखने को मिल रही है।

18 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भी भारतीय इक्विटी बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर रहा। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जबकि बाजार में गिरावट का दौर जारी है। इस हफ्ते में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा टूटा, तो वहीं मिडकैप इंडेक्स में 2 फीसदी की कमी आई। लॉर्ज कैप इंडेक्स की बात करें तो इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

ये हैं इस गिरावट के प्रमुख काराण

लगातार दो हफ्ते से जारी शेयर बाजार के बुरे दौर की वजह को देखें तो बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और लगातार हो रही विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली गिरावट के सबसे प्रमुख कारण रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते बाजार एक साल में सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट के साथ शुरु हुआ था, हालांकि इसके बाद अगले दिन कुछ रिकवरी आती दिखी। लेकिन ये तेजी एक दिन ही रही और हफ्ते के बाकी 3 दिनों में बाजार ने फिर गिरावट देखी।

स्मॉलकैप इंडेक्स 3 फीसदी टूटा

बीते हफ्ते बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा टूटा। स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 16 स्टॉक ऐसे रहे जिनमें 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। दूसरी तरफ 12 स्मॉलकैप स्टॉक ऐसे रहे जिनमें 10 से 29 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, इसमें शामिल आरईसी, ग्लांड फार्मा और गोदरेज इंडस्ट्रीज में बड़ी गिरावट आई। बीएसई लॉर्जकैप इंडेक्स को देखें तो पिछले हफ्ते यह 0.7 फीसदी टूटा, इस गिरावट में पीरामल,एनएमडीसी, अंबुजा सीमेंट, बैंक ऑफ बड़ौदा सबसे बड़ा योगदान रहा।

बैंकिंग शेयरों में आई बड़ी गिरावट

बीएसई सेंसेक्स की चाल पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इसके बाद आईटीसी, एसबीआई जैसे बड़े नाम गिरावट वाली सूची में शामिल रहे। अलग-अलग सेक्टर पर नजर डालें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 4.6 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 4 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में 2.7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

एफआईआई ने की भारी बिकवाली

18 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में एफआईआईआई ने भारतीय बाजार में 12,215.48 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि डीआईआई ने 10,592.21 करोड़ रुपये की खरीदारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी महीने में अब तक एफआईआई ने 21,928.08 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जबकि डीआईआई ने 16,429.46 करोड़ रुपये के बिकवाल रहे। 18 फरवरी को समाप्त सप्ताह में डॉलर के मुकाबले रुपया साप्ताहिक आधार पर 71 पैसे की बढ़त के साथ 74.66 के स्तर पर बंद हुआ।

वैश्विक बाजार का बुरा हाल

रूस और यूक्रेन के बीच संकटग्रस्त माहौल का असर वैश्विक बाजार पर साफतौर पर दिखाई दिया। अमेरिकी बाजार पर नजर डालें तो 18 फरवरी को समाप्त सप्ताह में लगातार दूसरे हफ्ते अमेरिकी बाजार भी लाल निशान में बंद हुए। यूक्रेन के मुद्दे पर अमेरिका-रूस के तनाव ने बाजार सेटिमेंट पर असर डाला है। इस समाप्त सप्ताह में एस एंड पी 500 में 1.6 फीसदी, डाउ में 1.9 फीसदी और नासडैक में 1.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट में एपल, अमेजन और माइक्रोसाफ्ट जैसे हाईग्रोथ वाले स्टॉक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा।

यूएस फेड के कदम पर नजर

यूक्रेन संकट के अलावा यूएस फेड के अगले कदम पर लगाई जा रही अटकलों ने भी इक्विटी मार्केट पर अपना असर दिखाया। न्यूयॉर्क फेड बैंक के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने कहा था कि मार्च में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना बेहतर होगा। इस संबंध में मॉर्गन स्टैनली को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल एक या दो बार नहीं बल्कि 6 बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। स्टैनली की तरफ से बीते दिनों जारी एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में अमेरिकी फेड रिजर्व 6 बार में 150 बेसिस अंक यानी 1.50 फीसदी तक ब्याज दर बढ़ा सकता है।

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