जनवाणी ब्यूरो |
शामली: उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न के बढ़ते मामलों और बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
बुधवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है जो चिंता का विषय है। इस प्रदेश को अब अपराध प्रदेश के नाम से बुलाए जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के डाटा के मुताबिक दलितों के प्रति, महिलाओं के प्रति अपराध में यूपी पहले स्थान पर आता है। यह शर्म की बात है कि देश के पूर्व गृहमंत्री और आज के रक्षा मंत्री के उत्तर प्रदेश में चुनकर जाने के बावजूद यह प्रदेश हिंसा और अपराध की आग में सुलग रहा है।

जनता भी असुरक्षा के साए में जीवन बिता रही है। यहां के बेखौफ अपराधियों से न तो आमजन सुरक्षित है, न पत्रकार, न पुलिस वाले स्वयं सुरक्षित है।
रायबरेली में एक ई-रिक्शा चालक मोहित को पुलिस उठा कर थाने ले गई। जहां इतनी यातनाएं दी गई कि उसकी मौत हो गई। इस युवक के पिता का पहले ही देहांत हो चुका था।
इस बर्बर कांड ने प्रदेश को हिला कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि इस कांड में शामिल संबंधित थाने के सभी पुलिस वालों पर दलित की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
पुलिस अधीक्षक रायबरेली को निलंबित किया जाए। मोहित की मां और परिवार के सहारे के लिए तत्काल 50 लाख का मुआवजा दिलाया जाए। आगरा, हरदोई, आजमगढ़ का सत्यमेव जयते कांड सहित प्रदेश भर के तमाम आलिया और पूर्व के लंबित दलित उत्पीड़न के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र पहलवान, सौरभ सिंह, विनोद बालियान, सचिन मलिक, वीरपाल उपाध्याय, बबलू कश्यप, सोनू कश्यप आदि मौजूद रहे।

