Monday, November 29, 2021
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दूत भेज मुख्‍तार से मिन्‍नत के बाद अतीक से निहोरे की तैयारी में अखिलेश : सिद्धार्थनाथ

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जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: चुनावी महाभारत के लिए अखिलेश कौरव सेना तैयार करने में जुटे हैं। जेल में दूत भेज कर माफिया मुख्‍तार अंसारी से मिन्‍नत करने के बाद अब अखिलेश अतीक अहमद से निहोरे की तैयारी में जुटे हैं। सपा के नेता लिस्‍ट लेकर अपराधियों और गुंडों की जेलों में तलाश कर रहे हैं। यह बातें शनिवार को कैबिनेट मंत्री और राज्‍य सरकार के प्रवक्‍ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कही।

समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के अपराधियों से लगाव और उनको साथ जोड़ने की छटपटाहट पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अखिलेश अपराधियों को इकट्ठा कर चुनाव के लिए कौरव सेना तैयार कर रहे हैं। जिसका आधार ही पाप,भ्रष्‍टाचार और कदाचार है। इसका विनाश तय है।

रणछोड़दास निकले अखिलेश अपनी फिक्र करें :सिद्धार्थनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव लड़ने के बाबत स्पष्ट घोषणा कर चुके हैं। अखिलेश अपनी चिंता करें तो बेहतर। वैसे वह पहले ही विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा कर मैदान छोड़ कर खुद को रणछोड़दास साबित कर चुके हैं। यह बातें भजपा सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को जारी एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा में जमीन-आसमान का फर्क है। सपा पार्टी नहीं दुकान है जबकि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनैतिक पार्टी है। इसमें कौन चुनाव लड़ेगा यह संसदीय बोर्ड तय करता है। मुख्यमंत्री भी यह बात कह चुके हैं। अखिलेश तो अपनी दुकान के खुद मालिक हैं। उन्होंने तय कर लिया कि चुनाव नहीं लड़ना है तो नहीं लड़ना है। इसकी वजह अखिलेश भी जानते हैं और जनता भी। दअरसल वह कहीं से चुनाव लड़ें,उनका हारना तय है। लिहाजा रणछोड़दास की तरह वह पहले ही पीठ दिखा दिए। चुनाव में सपा का वही हाल होना है जो बिना कमांडर के फ़ौज का।

उन्‍होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश मुख्‍तार और अतीक जैसे अपराधियों की शरण में हैं। यह तुष्टीकरण की उसी राष्ट्रघाती राजनीति का सबूत है जिसकी चर्चा अक्सर भाजपा करती है। अखिलेश का जिन्ना की तारीफ करना भी इसी की कड़ी थी। सुभासपा के मुखिया ओम प्रकाश राजभर मुख्तार से जेल में मिलने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने पर उनके दूत के रूप में गये थे।

सिद्धार्थनाथ ने कहा कि दो कथित महापुरुषों का मिलन ही इस बात का संकेत है कि इनकी राजनीति की दशा और दिशा क्या होगी। इनका गठबंधन, महाठगबन्धन है। इस नापाक गठबंधन के मंसूबे कभी पूरे होने वाले नहीं। अराजकता के वे दिन और दौर कभी नहीं लौटने वाले।

क्योंकि सूबे की जनता ने अब जेल में बंद मुख़्तार सरीखे नेताओं को राजनीति से दूर करने का मन बना लिया है। अब मुख़्तार सरीखे नेता जेल में ही रहेंगे और ऐसे दागी नेताओं से नाता रखने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव तथा ओम प्रकाश राजभर जैसों को सूबे की जनता राजनीति के अपराधीकरण करने के लिए सबक सिखाएगी।

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