- किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत कृषक मेला-प्रदर्शनी
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत कृषक मेला, कृषक सम्मान और प्रदर्शनी में किसानों को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया गया। साथ ही, किसानों को उन्नत बीज और वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए प्रेरित किया गया।
बुधवार को शामली स्थित नवीन मंडी स्थल परिसर में भाजपा विधायक तेजेन्द्र निर्वाल की अध्यक्षता में किसान मेला, गोष्ठी और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधायक ने फीता काटकर शुभारम्भ किया।
इसके बाद विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टालों का अवलोकन कर जानकारी प्राप्त की। साथ ही, अपने-अपने क्षेत्र में विश्ष्टि कार्य करने वाले 60 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डा. शिव कुमार केसरी ने किसानों को विभाग की योजनाओं तथा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आ रही कठिनाइयों के समाधान के बारे में जानकारी दी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. विकास कुमार ने कार्यक्रम संचालन करते हुए सम-सामयिक फसल सुरक्षा चक्र के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. सतीश कुमार ने वैज्ञानिक खेती के विषय में विस्तार से बताया। साथ ही, बीज उत्पादन तकनीक की जानकारी दी।

उद्यान विभाग के प्रतिनिधि नरेश कुमार ने औधोनिक फसलों की जानकारी देते हुए सब्जी, फल, फूलों की खेती करने का किसानों से आह्वान किया। सुशील कुमार सिरोही ने फल व सब्जी के संरक्षण जैसे आचार, मुरब्बा आदि बनाकर लाभ उठाने एवं रोजगार सृजन के विषय में बताया।
मंडी सचिव अरूण कुमार मंडी विभाग द्वारा संचालित कृषकों की कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी कृषकों दी। जिला गन्ना अधिकारी के प्रतिनिधि प्रेम नरायण शुक्ल ने गन्ने की खेती, गन्ना की आपूर्ति आदि की कृषकों को जानकारी दी।
डेयरी विभाग से डा. सुखबीर सिहं ने दुग्ध उत्पादन व दुधारू पशुओं की देखभाल की जानकारी दी। अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजपाल सिहं ने पशुओं की देखभाल की जानकारी देते हुए उपस्थित कृषकों की जिज्ञासाओं को सुना एवं उनका समाधान किया।
किसान जैविक खेती अपनाएं: वीरेंद्र
बुधवार को कैराना ब्लॉक परिसर में किसान कल्याण मिशन योजना के अंतर्गत कृषक मेले एवं कृषि गोष्ठी में कृषि विज्ञान के प्रोफेसर डा. शीशपाल ने कृषकों को बताया कि खेती की जमीन में रासायनिक दवाइयों के इस्तेमाल से पोषक तत्वों की कमी आ गई हैं। जिस कारण जमीनों की उपज शक्ति बहुत कम होती जा रही है।
आधुनिक तकनीकी से जमीन पर पानी की कमी आ गई। जमीन की उपज शक्ति बढ़ाने के लिए सूक्ष्म जीवों की जरूरत है। भूमि को अधिक उपजाऊ बनाने के लिए देशी गाय के गोबर से बनी खाद का उपयोग करें। देशी गाय के गोबर में सबसे ज्यादा जीवाणु होते है। देशी गाय के गोबर में पानी, गुड, बेसन डालकर अधिक पोषक तत्वों की संख्या बढ़ाई जा सकती हैं।
मुख्य अतिथि एमएलसी एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह ने किसान मेले में लगी प्रदर्शनी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान रासायनिक खेती त्याग कर जैविक खेती अपना लें। हर फसल के साथ दलहनी फसल भी उगाएं।
इस अवसर पर उपायुक्त स्वत रोजगार शैलेन व्यास, एडीओ कृषि अमित कुमार, जिला कृषि अधिकारी डा. हरी शंकर, डा. संजीव कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी डा. नीरजा सिंह, मोहित कुमार, जगदीश चौहान, योगी लोकेश, शहजाद हसन, महेंद्र सिंह, रोड, आंगनबाड़ी तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।

