- एक सप्ताह के अंदर दो बार हो चुकी इस तरह स्कूटी टूटने की घटना
- बंसल मोटर फर्म के प्रो. अंकुर बंसल ने बताया कि कंपनी को जानकारी दी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कलक्ट्रेट के निकट शुक्रवार को दोपहर के समय अचानक एक स्कूटी दो हिस्सों में टूट गई। गनीमत रही की स्कूटी चालक को गंभीर चोट नहीं आई। स्कूटी के दो हिस्सों में टूटते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गये। वहीं स्कूटी संचालक ने सूचना उक्त एजेंसी संचालक को दी। जिसके यहां से कुछ समय पूर्व स्कूटी खरीदी गई थी।
एजेंसी के संचालक ने ई-रिक्शा भेजकर स्कूटी को मंगवा लिया। वहीं पीडित ने इस संबंध में थाना सिविल लाइन में भी शिकायत करने की बात कही है। हाल ही में महानगर में स्कूटी टूटने की यह दूसरी बड़ी घटना है। वैसे महानगर में दो दर्जन से अधिक घटनाए हाल फिलहाल में स्कूटी टूटने की हो चुकी है।
विजयनगर निवासी उत्सव अग्रवाल पुत्र विवेक अग्रवाल अपनी स्कूटी (एम्पीयर बाय ग्रीवस) पर सवार होकर शुक्रवार को दोपहर के समय कचहरी की तरफ को किसी काम से जा रहा था। जैसे ही वह कलक्ट्रेट के नाले के पास पहुंचा तो अचानक स्कूटी दो हिस्सों में टूट गई। इस दौरान उसे चोट तो आई, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने से गनीमत रही की बच गया। वहीं इसी दौरान पीछे से वाहन आ गया, लेकिन डाइवर ने ब्रेक लिये तब जाकर उसकी जान बची।

उत्सव अग्रवाल का कहना है कि वह स्कूटी पर अकेला था और कोई खास वजन भी नहीं लदा था। इस दौरान स्कूटी टूटते ही वहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। उत्सव ने महानगर से ही यह स्कूटी कुछ समय पूर्व ली थी। उसने स्कूटी कंपनी की फर्म के प्रो. को फोन किया। जिसके बाद बंसल मोटर्स फर्म के प्रो. अंकुर बंसल ने ई-रिक्शा भेजकर टूटी हुई स्कूटी को मंगवा लिया। उत्सव अग्रवाल ने प्रो. से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की।
साथ ही बताया कि महानगर में स्कूटी टूटने की यह दूसरी बड़ी घटना है। वहीं अंकुर बंसल से इस संबंध में बात की तो उन्होने बताया कि कोलकाता की कंपनी में एम्पीयर बाय ग्रीवस स्कूटी तैयार हुई है। महानगर में भी 20 से अधिक घटनाएं स्कूटी टूटने की होने की बात सामने आ रही है।
कंपनी के द्वारा देशभर में 55 हजार स्कूटी मार्केट में उतारी गई थी। जिसमें देशभर से सैकड़ों मामले इस तरह के पहुंचे तो कंपनी ने जिस जगह से स्कूटी टूट रही है। उस जगह पर लोहे की वस्तु से मरम्मत कराने को कह दिया है, लेकिन कुछ स्कूटी संचालक मरम्मत कराने की जगह दूसरी बदलने या वापस करने की बात कर रहे हैं, जोकि नहीं बदली जा सकती।

