- बीस हजार लीटर क्षमता का टैंक किया सील, सैंपल लेकर जांच को प्रयोगशाला भेजा
- तेल का भंडारण करने के संबंध में नहीं दिखा सकें कोई भी अनुमति पत्र, हडकंप मचा
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: नगर के दिल्ली रोड स्थित रीवर पार्क के पास एक केले के गोदाम पर अवैध रूप से डीजल बेचे जाने की सूचना पर शनिवार को आपूर्ति विभाग व प्रशासन की टीम ने छापा मारा और वहां पर बीस हजार लीटर क्षमता के टैंक को सील कर दिया। टैंक से तेल का सेम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला के लिए भेज दिया गया है। वहीं तेल विक्रेता तेल का भंड़ारण करने के संबंध में कोई अनुमति पत्र नहीं दिखा सकें। वहीं पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रवक्ता ने कहा कि इसके लिए कोई लाइसेंस की जरूरत नहीं है।
नगर के दिल्ली रोड स्थित रीवर पार्क के निकट एक केले का गोदाम है। गोदाम के बराबर में ही एक प्लाट में एनके इंटर प्राइजेज का तेल का पम्प लगा है। वहां पर तेल भंड़ारण करने के लिए दो हजार लीटर क्षमता का एक टैंक बना हुआ है। कई दिन से यहां पर अवैध रूप से तेल बेचे जाने को लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा था।

वीडियो में तेल के ड्रम व एक ट्रक से टैंकर में तेल भरता नजर आ रहा है। इसके अलावा प्रशासन को भी इस संबंध में शिकायत मिल रही थी। इसके बाद शनिवार को डीएम के निर्देश पर आपूर्ति विभाग व तहसील प्रशासन की टीम ने पुलिस को साथ लेकर एनके इंटर प्राइजेज पर छापा मारा।

वहां पर केले के गोदाम के बराबर में एक तेल का पम्प व तेल भंड़ारण के लिए बीस हजार क्षमता लीटर का एक टैंक मिला। जांच के दौरान टैंक में बहुत कम मात्रा में तेल मिला। एआरओ आपूर्ति विभाग सूर्यप्रकाश पाठक के अनुसार छापे की भनक लगने के बाद तेल वहां से पहले ही हटाया जा चुका था।
उन्होंने बताया के टंैक में मिले तेल का सेम्पल लेकर जांच के लिए केमिकल प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह पता चल सकेगा के टैंक में कौन सा पदार्थ है। पम्प व टैंक को सील कर दिया गया है। इस मौके पर एसडीएम अनुभव सिंह , तहसीलदार प्रसून कश्यप व पुलिस बल के साथ सीओ सिटी ओमपाल सिंह भी मौजूद थे।

नहीं मिला तेल बेचने का लाइसेंस
कम्पनी के पास जीएसटी नम्बर तो था, लेकिन संचालकों के पास तेल बेचने अथवा भंड़ारण के लिए कोई भी अनुमति पत्र नहीं मिला है। एआरओ का कहना है कि तेल बेचने के लिए लाइसेंस का होना जरूरी है। उन्होंनें कहा कि वहां पर अवैध रूप से तेल का कारोबार चल रहा था।
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता ने कहा लाइसेंस की जरूरत नहीं
इस अवसर पर मौके पर पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रवक्ता आलोक अवस्थी ने तेल विके्रता का पक्ष लेते हुए कहा कि यह थर्मल पॉवर आयल है और इसका प्रयोग कारखानों में मशीनों में डालने के लिए किया जाता है। इसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं है। उन्होंने कम्पनी संचालक यासीन आदि को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनकी सहायता के लिए वहां आए हैं ताकि प्रशासन को इस संबंध में अवगत करा सकें।
नहीं मिला अग्निशमन यंत्र
आपूर्ति विभाग के एआरओ ने कहा कि यह तेल एक ज्वलनशील पदार्थ है। नियमानुसारवहां पर अग्निशमन यंत्र का लगाना अनिवार्य है। यदि किसी कारण से वहां पर आग लग जाती है तो आग बुझाने की कोई व्यवस्था न होने कारण वहां पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए यहां संचालकों द्वारा बड़ी लापरवाही बरती जा रही थी।
छापे के दौरान टैंक में करीब 180 लीटर तेल था
एनके इंटर प्राइजेज के संचालकों का कहना है कि पॉवर थर्मल आयल को बेचने के लिए किसी भी लाइसेंस की जरूरत नहीं है। इसका प्रयोग वाहनों में नहीं होता है बल्कि इसकी सप्लाई कारखानों में मशीनों के कलपुर्जों में डालने के लिए की जाती है।
अपनाना पड़ा कड़ा रूख
जब टीम ने सेम्पल के लिए तेल लेना चाहा तो संचालक तेल देने में आनाकानी करने लगे और कहा कि टैंक में काफी कम तेल है और पम्प तेल नहीं उठायेगा। प्रशासन के कड़े रूख के बाद पम्प को चालू तो कर दिया गया, लेकिन टैंक से तेल नहीं निकला। इसके बाद संचालकों ने शाम को तेल देने को कहा। इस पर तहसीलदार ने कड़ा रूख अखित्यार किया और चेतावनी दी कि यदि अभी सेपम्ल नहीं दिया गया तो उनके केले के गोदाम को भी सील कर दिया जाएगा। इसके बाद संचालकों ने टैंक का ढक्कन खोलकर टैंक से तेल निकालकर सेम्पल के लिए दिया।
अवैध रूप से तेल बेचने की सूचना पर मारा छापा
एसडीएम अनुभव सिंह का कहना है कि उन्हें पाली के पास स्थित एक केले के गोदाम पर अवैध तेल व्यापार की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर शनिवार को आपूर्ति विभाग एवं तहसील प्रशासन की टीम ने पुलिस बल को साथ लेकर वहां पर छापा मारा। मौके पर वहां एक एक तेल निकालने का पम्प व बीस हजार लीटर क्षमता का एक टैंक मिला। टैंक से मिला तरल पदार्थ का ज्वलनशील पदार्थ लग रहा है। उसका सेम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वह पदार्थ क्या है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संचालकों के पास फर्म का जीएसटी नम्बर तो है, लेकिन भड़ारण के लिए कोई अनुमति पत्र नहीं है।

