Wednesday, June 19, 2024
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‘भक्त दर्शन’ के नाम से उत्तराखण्ड में होगी पुरस्कार की शुरूआत

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  • राज्य के पांच शिक्षकों को मिलेगा भक्त दर्शन पुरस्कार
  • उच्च शिक्षा मंत्री ने ली उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

जनवाणी ब्यूरो |

देहरादून: उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को विधानसभा स्थित सभा कक्ष में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रख्यात शिक्षाविद्, समाजसेवी व राजनेता स्व. भक्त दर्शन के सम्मान में उच्च शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बेहत्तर कार्य करने वाले पांच शिक्षकों को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर ‘भक्त दर्शन’ पुरस्कार से नवाजा जायेगा। यह पुरस्कार वर्ष 2019-20 के लिये दिया जायेगा जबकि वर्ष 2020-21 व उसके बाद के पुरस्कार आगामी वर्षों में डाॅ. भक्त दर्शन की जयंती पर फरवरी माह में दिये जायेंगे।

बैठक में नये शिक्षा सत्र प्रारम्भ किये जाने, नये पीजी काॅलेजों की स्थापना, राज्य सेक्टर व रूसा के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, महाविद्यालयों में नेटवर्क सुविधा, फीस निर्धारण एवं अशासकीय महाविद्यालयों के लिए कैबिनेट प्रस्ताव तैयार करने सहित नई शिक्षा नीति पर चर्चा की गई। बैठक के उपरांत विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि अभी तक राज्य के 105 महाविद्यालयों में से 62 महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की तैनाती की जा चुकी है, शेष महाविद्यालयों में सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व शत-प्रतिशत शिक्षकों की तैनाती कर दी जायेगी।

जिसमें संविदा एवं अतिथि शिक्षक भी शामिल है। विभागीय मंत्री डाॅ रावत ने निदेशक उच्च शिक्षा को शेष 350 पदों पर आयोग को अधियाचन भेजने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे महाविद्यालयों में फैकल्टी की तैनाती करने के निर्देश भी दिये ताकि संबंधित महाविद्यालयों में शीघ्र स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम संचालित किये जा सकेंगे।

सभी राजकीय महाविद्यालयों में आनलाइन स्टडी के लिए नेटवर्क कनेक्टीविटी सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी डाॅ. रावत ने बैठक में दिये, उन्होंने बताया कि नवरात्रों के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका विधिवत उद्घाटन डोईवाला या रायपुर महाविद्यालय से किया जायेगा।

वहीं डाॅ. रावत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 30 अक्टूबर तक विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी करें। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को खोला जायेगा। वहीं विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए शासन स्तर पर स्वीकृत शेष धनराशि यथासमय जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद बर्द्धन, सलाहकार रूसा प्रो. एमएसएम रावत, प्रो. केडी पुरोहित, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल, नोडल रूसा डाॅ. रचना नौटियाल, उप निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. एएस उनियाल, सहायक निदेशक प्रो. जीसी गोस्वामी, डाॅ. दीपक पांडेय, डाॅ. विनोद कुमार, उप सचिव एसएस त्रिपाठी, अनुसचिव ब्योमकेश दुबे सहित अन्य कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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