Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

पब्जी पर बैन, मोदी सरकार का सराहनीय कदम

छोटे बच्चों व युवाओं तक के व्यवहार पर पड़‌ रहा था बुरा असर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भारत सरकार द्वारा बुधवार को पब्जी सहित 118 ऐप पर बैन लगा दिया गया। जिसके पश्चात सोशल मीडिया पर अनेकों प्रकार की प्रतिक्रिया देखने को मिल‌ रही‌ है।

एक‌ तरफ जहां पब्जी गेम खेलने वाले लोगों में मायूसी है। वहीं अन्य लोगों में इस बात की खुशी है। सबसे ज्यादा खुशी अभिभावकों में देखने को मिल रही है।‌ अभिभावकों की मानें तो पब्जी जैसे गेमों की‌ वजह से बच्चों का व्यवहार बदल रहा था। छात्र-छात्राओं ने कहा कि इस गेम के वजह से उनके काफी दोस्त पहले की तरह उनसे बात भी नहीं करते है और उनके व्यवहार में भी काफी चिड़चिड़ापन देखने को मिलता है।

वैसे तो‌ यह एक गेम था, लेकिन जिस तरह से दोस्त बर्ताव करते थे ऐसा लगता था, शायद सच में ही वह जिंदगी में जंग लड़ रहे हो। दरअसल टिकटॉक वीडियो एप की तरह ही पब्जी गेम भी युवाओं के दिल पर राज करने लगा था। जिसमें अधिकतर युवा पब्जी खेल कर ही अपना समय बिता रहे थे। इससे जहां युवाओं की आंखों पर असर देखने को मिल रहा था, वहीं उनकी पढ़ाई पर भी इसका असर देखने को मिलता था।

PUB G Game

Vishal Bhatnagar
मोदीपुरम निवासी अभिभावक विशाल भटनागर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पब्जी सहित अन्य 118 चाइनीज एप्लीकेशन पर पाबन्दी लगाने का में स्वागत और सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। इस गेम को बच्चों के साथ साथ बडे़ भी बहुत तल्लीनता के साथ खेलते थे और गेम का बुरा प्रभाव हमारे बच्चों और युवा पीढ़ी पर पड़ रहा था। बच्चों और युवाओं में हिंसक प्रवृत्ति, उत्तेजना बढ़ रही थी। जिसका दूरगामी बुरा प्रभाव उनके व्यक्त्तिव, उनके व्यवहार और उनके स्वस्थ के साथ-साथ उनके परिवारिक और रिश्तों पर भी पड़ रहा था। इस गेम और अन्य एप्लिकेशन के माध्यम से चाइना भारत से बहुत मोटी कमाई के साथ यूथ को भटका रहा था। इस गेम के बंद होने से बहुत से बच्चे अवसाद से घिर गए है, अभिभावकों को उनको समझना और उनके साथ समय बिताना चाहिए बिना गैजेट्स की मदद से।

Vaishali
मेरठ कॉलेज की छात्रा वैशाली श्रीवास्तव ने कहा की पब्जी की वजह से बच्चो के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा था। साथ ही बड़े पैमाने पर लोग पब्जी के आदि हो रहे है जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है, साथ ही साथ पब्जी बच्चो की पढ़ाई को भी नुकसान पहुंचा रहा था। मोदी सरकार और ग्रह मंत्रालय का फैसला बहुत अच्छा है। हमें इस फैसले से बहुत खुशी है।

Subham
मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम मलिक का कहना है कि पब्जी बैन के सरकार के निर्णय से सभी सहमत हैं। पब्जी एकमात्र सीधा सीधा हमारे देश के युवा को भटकाने का मुख्य ऐप था। जिसकी वजह से हमारे देश का युवा लगातार फोन में लगा रहता था और पब्जी की वजह से दिन प्रतिदिन झगड़े भी बन जाते थे। सरकार का यह कदम कहीं ना कहीं युवाओं के भविष्य को सुधारने के लिए किया गया है और हमारे देश के चीन के साथ संबंध भी अच्छे नहीं हैं। इससे उनकी कहीं ना कहीं आर्थिक स्थिति को कमजोर करने में जो यह सभी ऐप बेन किए गए हैं।

Saurav
सुभारती विश्वविद्यालय के छात्र एवं इकाई अध्यक्ष एबीवीपी सौरव गुर्जर का कहना है कि पब्जी बेन करने का भारत सरकार का निर्णय अत्यंत प्रसंसनीय है। सुरक्षा के लिए तो एक बड़ा कदम है ही साथ ही युवाओ को अवास्तविक दुनिया से बहार लाना तथा उनके मानसिक स्वास्थय की मजबूती की तरफ भी एक बड़ा कदम है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img