- प्रतिदिन 30 करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित, नगर और देहात में बैंकों की जनपद में 111 शाखाएं
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: दीपोत्सव पर्व के साथ-साथ गोवर्धन और भैयादूजया पर लगातार तीन दिन त्योहारों के चलते जनपद के बैंक बंद रहे। इस दौरान अनुमानित करीब 150 करोड़ रुपये का फटका बैंकों को लगा है। सेकेंड सटरडे को दीपावली के बाद रविवार को गोवर्धन पूजा और सोमवार को भैयादूज पर्व का अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक खुले। हैं। इसलिए मंगलवार को बैंक शाखाओं पर ग्राहकों की काफी भीड़ रही।
दीपावली का पर्व 14 नवंबर शनिवार को था। उससे पहले 12 और 13 नवंबर धनतेरस तथा नरक चतुर्दशी पर बैंकों में लेन-देन आम दिनों की तरह हुआ था। इतना ही नहीं, बैंकों की आम दिनों के मुकाबले इन दो दिनों में ग्राहकों की अधिक भीड़ रही थी। इसके बाद 14 नवंबर को दीपावली, 15 को गोवर्धन और 16 नवंबर को भैयादूज पर्व का अवकाश होने के कारण बैंक बंद रहे। हालांकि 15 को गोर्वधन के साथ-साथ रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी रहा था।
इस तरह से शनिवार से सोमवार तक दीपोत्सव के उपलक्ष्य में 3 दिन बैंक बंद रहे। सूत्रों का कहना है कि सेकेंड सेटरडे और संडे को अगर छोड़ दिया जाए तो त्योहारी सीजन में जनपद में बैंकों में करीब 150 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
जिला अग्रणी बैंक मैनेजर शैलेश कुमार ने बताया कि वैसे तो ऐसा कोई डाटा नहीं जिसके आधार पर जनपद के बैंकों में प्रतिदिन होने वाले लेन-देन का सटीक आंकलन किया जा सके लेकिन एक अनुमान के अनुसार, प्रतिदिन जनपद में 111 बैंक शाखाओं में 30 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
हालांकि कुछ बैंकों में इससे भी अधिक का लेन-देन है लेकिन ऐसे बैंकों की संख्या बहुत कम हैं। त्योहारों के अवकाश के कारण लगातार तीन दिन 14 से 16 नवंबर तक बैंक बंद रहे हैं। जनपद में बैंक मंगलवार 17 नवंबर को खुले।
मंगलवार को बैंकों में उमड़ेगी भीड़
त्योहारी सीजन में लगातार तीन दिनों के अवकाश के बाद जनपद में 111 बैंक शाखाएं मंगलवार को खुली। बैंक बंदी के दौरान ग्राहकों का काफी कार्य प्रभावित हुआ है। इसलिए मंगलवार को बैंकों में ग्राहकों की काफी भीड़ रही। क्योंकि कुछ लोगों ने जो रुपये बैंक से खर्च के लिए निकाले थे, वे त्योहार पर खर्च हो गए। साथ ही, कंपनियों का बैंक का कार्य भी अवरुद्ध पड़ा हो गया था।
एटीएम दे गए धोखा
दीपोत्सव पर्व की श्रृंखला में एक बार फिर से बैंकों के बंद होने की स्थिति में ग्राहकों का एक मात्र सहारा एटीएम थे लेकिन बैंक बंद होने से पहले ही जनपद के तमाम एटीएम धन उपलब्ध न होने के कारण ठप हो गए थे। इसलिए उनको काफी निराशा का सामना करना पड़ा है।
ऑनलाइन लेन-देन बना सहारा
दीपोत्सव पर तीन दिन लगातार अवकाश के दौरान तथा त्योहार पर पैसे खत्म होने के कारण बाजार में लेन-देन के लिए ऑनलाइन बैंकिंग बड़ा सहारा बना। ऐसे में पेटीएम, भीम ऐप, गूगल पे, फोन पे आदि के जरिए दुकानदारों को खरीददारी के दौरान ऑनलाइन पैंमेंट उनके खातों में ट्रांसफर किया।

