Tuesday, June 25, 2024
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भारी मात्रा में मिला प्रतिबंधित आक्सीटोसीन

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  • दर्जनभर डेयरियों में की छापेमारी, माल किया जब्त, कार्रवाई की तैयारी में अधिकारी

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: नगर में बनी डेयरियों में बड़े स्तर पर प्रतिबंधित आॅक्सीटोसीन का उपयोग हो रहा है। कच्चे लालच में डेयरी संचालक पशुओं पर अत्याचार कर रहे हैं। मंगलवार को अधिकारियों ने डेयरियों में छापेमारी की। इस दौरान कई डेयरी से भारी मात्रा में आॅक्सीटोसीन और सिरींज बरामद हुई। टीम ने सारा माल जब्त कर लिया। साथ ही दूध का सैंपल जांच के लिए भेजा। प्रशासन की कार्रवाई से डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकांश संचालक अपनी डेयरियों में ताले लगाकर फरार हो गए।

सरधना में सैकड़ों डेयरी बनी हुई हैं। अधिक दूध के साथ अधिक मुनाफा कमाने के लिए डेयरी संचालक पशुओं को प्रतिबंधित इंजेक्शन आॅक्सीटोसीन लगा रहे हैं। जिसका असर इस दूध का सेवन करने वालों पर भी हो रहा है। लोग आमतौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं में बांझपन की बीमारी बढ़ रही है। डेयरियों में बड़े-बड़े ड्रम में आॅक्सीटोसीन देखा जा सकता है। प्रशासन भी छापेमारी करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।

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उससे आगे कार्रवाई होती नजर नहीं आती है। मंगलवार को सीवीओ अखिलेश कुमार, एसडीएम पीपी राठौर, ईओ शशि प्रभा चौधरी प्रशासन अमले के साथ छापेमारी करने निकले। नंगला रोड पर डेयरी ने दर्जनभर डेयरियों में छापेमारी की। इस दौरान टीम को डेयरियों में बड़े स्तर पर आॅक्सीटोसीन तथा सिरींज मिली। टीम ने सारा माल जब्त कर लिया। साथ ही जांच के लिए दूध का सैंपल भी भरवाया गया।

टीम की कार्रवाई से डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकांश संचालक डेयरियों में ताले लगाकर फरार हो गए। इस संबंध में एसडीएम पीपी राठौर का कहना है कि डेयरियों में छापेमारी की गई थी। कई डेयरी में आॅक्सीटोसीन बरामद हुई है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी से आगे नहीं बढ़ती कार्रवाई

डेयरियों मेें बड़े स्तर पर खुलकर प्रतिबंधित इंजेक्शन आॅक्सीटोसीन का उपयोग होता है। अधिकारी साल में दो तीन बार इन डेयरियों में छापेमारी करते हैं। हर बार आॅक्सीटोसीन बरामद होता है। माल जब्त किया जाता है और दूध के सैंपल लिए जाते हैं। मगर आज तक छापेमारी से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी है। जिससे प्रशासन की छापेमार कार्रवाई पर भी सवाल उठते हैं।

झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

सरूरपुर: क्षेत्र में लगातार झोलाछाप चिकित्सकों के मिल रही शिकायत के चलते पिछले दो दिनों से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीम गठित करके क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चला रखा है। लगातार दो दिनों तक चले अभियान के बाद आधा दर्जन से अधिक झोलाछाप चिकित्सकों के यहां छापेमारी करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांति प्रसाद जो नोडल अधिकारी द्वारा सरूरपुर थाने पर मंगलवार को तीन झोलाछाप छाप चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

वहीं, आरोप है कि गठित टीम द्वारा कुछ झोलाछाप चिकित्सकों के साथ सेटिंग करके उन्हें क्लीन चिट भी दी गई है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे हैं। अभियान को लेकर गांव और कस्बों में हड़कंप मचा हुआ है और झोलाछाप चिकित्सक फिलहाल भूमिगत हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार दो दिनों से चल रहे अभियान के तहत सोमवार को कस्बा हर्रा व मंगलवार को कस्बा खिवाई, जसड़ व पांचली गांव में छापेमारी अभियान चला गया था। जहां सोमवार को आबिद पुत्र हाजी गुलाम, खुशी मोहम्मद पुत्र दीन मोहम्मद, लुकमान पुत्र साहिल के खिलाफ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांति प्रसाद द्वारा सरूपुर थाने पर एफआईआर दर्ज कराते हुए बिना कागजों के प्रैक्टिस करने का आरोप लगाया गया है।

साथ ही झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा गलत तरीके से लोगों का इलाज करने का भी आरोप है। इसके अलावा सूत्रों में बताया कि गठित टीम द्वारा कुछ झोलाछाप चिकित्सकों व लैब टेक्नीशियन को साथ गांठ करते हुए क्लीन चिट भी दी गई है तो वहीं दूसरी ओर फिलहाल झोलाछाप चिकित्सकों पर चल रही कार्रवाई के चलते गांव व कस्बों में फिलहाल हड़कंप मच हुआ है और भूमिगत है। सरूरपुर क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों की काफी बाढ़ है और गलत तरीके से उपचार करके लोगों पर डिग्री होने का रोग गालिब कर रहे हैं। बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर फर्जी तरीके से क्लीनिक चलने वाले चिकित्सकों की भरमार है। इसकी शिकायत पिछले काफी दिनों से स्वास्थ्य विभाग से की गई थी। जिसके बाद ही अभियान चलाया गया है।

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