जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को करारी शिकस्त देकर विमेंस एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। हालांकि, खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी लेने के दौरान भारतीय टीम और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के बीच दूरी देखने को मिली। अब इस पूरे मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने बड़ा बयान दिया है।
मोहसिन नकवी से मुलाकात होना कोई असामान्य बात नहीं
देवजीत सैकिया ने बातचीत में साफ किया कि मैच के दौरान मोहसिन नकवी से मुलाकात होना कोई असामान्य बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि टॉस से लेकर मुकाबला खत्म होने तक वह रॉयल बॉक्स में अपनी सीट पर मौजूद थे और वहां आने वाले सभी लोगों से सामान्य तौर पर मुलाकात करते रहे।
सैकिया ने बताया, “ऐसा नहीं है कि हम किसी से मिलेंगे नहीं। टॉस से लेकर मैच खत्म होने तक मैं बाहर रॉयल बॉक्स की सीटों पर बैठा रहा। वहां बैठने के बाद, मैं पूरे मैच के दौरान उसी जगह पर बना रहा। मैच के दौरान जो भी आया, मुझसे मिला। कोई मेरे बगल में बैठा, फिर राजीव शुक्ला आए और मेरे साथ बैठे।”
उन्होंने आगे कहा कि मोहसिन नकवी भी रॉयल बॉक्स में आए और डिप्टी चेयरमैन खालिद साहब के बगल में बैठे। सैकिया के मुताबिक, यह एक सामान्य परंपरा है और वहां आने वाले लोगों से मिलना-जुलना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
ट्रॉफी विवाद सुलझाने की कोशिश रही नाकाम
ट्रॉफी समारोह को लेकर उठे विवाद पर भी BCCI सचिव ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की गई थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
देवजीत सैकिया ने कहा, “ट्रॉफी विवाद का हमने हल निकालने की कोशिश की थी, लेकिन हमारी कोशिश नाकाम रही। हालांकि, इसका हमें कोई खेद नहीं है, क्योंकि हमारा मकसद यह नहीं था कि ट्रॉफी कौन देगा। हमारा मकसद मैच को आसानी से जीतना था और भारतीय टीम ऐसा करने में सफल रही।”
फाइनल में भारत का शानदार प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रन बनाए।
भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 गेंदों पर 68 रन बनाए। वहीं, स्मृति मंधाना ने भी 39 गेंदों में 59 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।
184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट अपने नाम किए।
इस तरह भारतीय टीम ने फाइनल में शानदार जीत दर्ज करते हुए एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। ट्रॉफी समारोह को लेकर विवाद जरूर चर्चा में रहा, लेकिन BCCI सचिव के मुताबिक भारतीय टीम का मुख्य लक्ष्य मैदान पर जीत हासिल करना था और टीम इसमें पूरी तरह सफल रही।

