Wednesday, May 6, 2026
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तालाब खुदाई के नाम पर बड़ा घोटाला

  • नंगला कबूलपुर और नरहेड़ा गांव का है मामला
  • खुदाई में घालमेल अब होने लगा उजागर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जनपद में तालाब खुदाई का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा है। जेई तालाब की खुदाई अटल योजना से कराई जा रहा है। खुदाई में जो घालमेल चल रहा है, अब वह उजागर होने लगा है। जनपद के नंगला कबूलपुर एवं नरहेड़ा में तालाब खुदाई में लाखों का घोटाला सामने आया है, जिस पर अधिकारी अब लीपापोती करने में जुट गए हैं। हालांकि इस घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार तक पहुंच गई है।

दरअसल, अटल योजना भूजल शुरू की गई है, परंतु भ्रष्ट अधिकारी इसमें भी घोटाला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। विकास खंड खरखौदा के गांव नंगला कबूलपुर एवं नरहेड़ा में तालाब खुदाई का काम अटल योजना से चल रहा था, जो वर्तमान में खुदाई का कार्य अधूरा है, लेकिन भुगतान सरकार से पूरा प्राप्त कर लिया गया है। इसके बाद खुदाई के नाम पर लीपापोती अधिकारियों के स्तर से कर दी गई है। भुगतान भले ही पूरा ले लिया गया हो, इस तरह से अटल योजना भी भ्रष्टाचार के नाम चढ़ गई है।

तालाबों की खुदाई का कार्य लघु सिंचाई विभाग से कराया जा रहा हैं। इसके भ्रष्टाचार का मामला पहले राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने भी उठाया था। उसके बाद भी इसमें कोई कार्रवाई भ्रष्ट अफसरों पर नहीं की गई। तालाब की खुदाई हो या फिर गांवों को पेयजल योजना से जोड़ने की योजना, सभी में भ्रष्टाचार चल रहा हैं। इसकी जांच किसी स्तर पर नहीं हुई तथा इसकी फाइल ही दबा दी गई हैं।

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महत्वपूर्ण बात ये है कि क्या इन भ्रष्ट अफसरों व इंजीनियरों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी। तालाब खुदाई ऐसा मामला है, जिसका भौतिक सत्यपान किया जा सकता हैं, जिसमें भ्रष्टाचार हुआ है तो सामने आ जाएगा। जब तालाब की खुदाई पूरी नहीं हुई तो भुगतान कैसे पूरा कर दिया? ये तमाम बिन्दू जांच के बनते हैं। इस पर जांच पड़ताल होती हैं तो भ्रष्टाचार में संलिप्त इंजीनियरों पर शिकंजा कसा जा सकता हैं।

भ्रष्टाचार के लिए जेई जिम्मेदार

नंगला कबूलपुर और नरहेड़ा में तालाब खुदाई में हुए भ्रष्टाचार के लिए अवर अभियंता पवन कुमार पूरी तरह से जिम्मेदार है। ऐसे आरोप अवर अभियंता पर लग रहे हैं। अवर अभियंता और ठेकेदार के बीच सेटिंग का खेल चल रहा हैं। तालाब खोदने का पूरा पैसा सरकारी खजाने का निकाल लिया गया, जबकि खुदाई पूरी होने के बाद ही सरकारी खजाने से पैसा ठेकेदार को दिया जाना चाहिए था, लेकिन यहां ठेकेदार की अधिकारियों से सेटिंग की वजह से पूरी धनराशि ही निकाल ली गई। इसी वजह से इसमें भ्रष्टाचार की ‘बू’ आ रही हैं।

एसई पर भी उठ रही अंगुली

अधीक्षण अभियंता आलोक सिन्हा अटल योजना को देख रहे हैं, उन पर भी अंगुली उठ रही हैं। लघु सिंचाई विभाग वृत्त मेरठ ने अटल भूजल योजना के तहत तालाबों की खुदाई का कार्य कराया हैं। उन पर आरोप लग रहे है कि कुछ ऐसी फर्म है, जो अधीक्षण अभियंता की अपनी हैं। इनको ही तालाब खुदाई के टेंडर दे दिये गए। टेंडरों को पुलिंग कराने के भी उनके द्वारा प्रयास किये गए। तालाब खुदाई में कुल आठ ठेकेदार काम कर रहे हैं, जिनके पास 22 काम हैं। अधीक्षण अभियंता की जो फर्म हैं, उनको 14 तालाबों के टेंडर दे दिये गए। इसमें सेटिंग का खेल चला। इस तरह से ठेकों का बंदरबाट हुआ।

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