Friday, March 20, 2026
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कैंट बोर्ड सदस्यों को बड़ा झटका, करीबियों की छुट्टी

  • काम संतोष जनक न होने के चलते सीईओ ने दिखाया बाहर का रास्ता

जनवाणी ब्यूरो |

मेरठ: कैंट बोर्ड के कुछ निर्वाचित सदस्यों के करीबी समझे जाने वालों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सीईओ की इस कार्रवाई को सदस्यों को जोर का झटका धीरे से दिया गया माना जा रहा है। हालांकि यदि सदस्यों व सेक्शन हेड व कर्मचारी नेताओं के करीबियों की बात की जाए तो ऐसे सिफारिशी कर्मचारियों की संख्या 50 से ज्यादा बताई जा रही है, जिन पर गाज की तैयारी है।

जानकारों की मानें तो इनकी नौकरी पर अब तलवार लटक रही है। आने वाले दिनों में कुछ और की सेवाएं समाप्त कर दी जाए तो हैरानी नहीं होगी। हालांकि जिनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं उन पर आरोप है बोर्ड का काम संतोष जनक ढंग से नहीं कर रहे थे। कुछ को लेकर कहा जा रहा है कि वो काम से ज्यादा अपने आका सदस्यों के लिए मुखबिरी ज्यादा कर रहे थे।

बदला हुआ है माहौल

कैंट बोर्ड का माहौल इन दिनों पूरी तरह से बदला हुआ है। हालांकि इसकी शुरूआत तो पहले से कर दी गई थी जब सदस्यों के लिए अपने कामों के लिए समय का निर्धारण कर दिया गया था, लेकिन यदि वर्तमान समय की बात की जाए तो यह माहौल सदस्यों को या कहें कुछ सदस्यों को एकदम रास नहीं आ रहा है। नौबत तो यहां तक आ गई सुनी जाती है कि यदि सदस्य किसी सेक्शन हेड या अन्य स्टॉफ से कोई काम मोबाइल पर बताते हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि पहले सीईओ सर से बात करें। सर की आदेश के बाद ही काम विधिपूर्वक होगा।

कर्मचारियों में नाराजगी

कैंट बोर्ड में जो हालात बना दिए हैं, उसको लेकर कर्मचारियों की नाराजगी निर्वाचित सदस्यों को लेकर है। उनका कहना है कि जो कुछ भी घटित हुआ है वो सदस्यों की टिकट की राजनीति और भाजपा में खुद को बडेÞ नेताओं के खेमे में साबित करने के चलते हुआ है। जबकि हकीकत तो यह है कि बात टोल के ठेके की हो या किसी दूसरे ठेके की, सच्चाई तो यह है कि ठेकेदारों की पैरवी में सबसे आगे निर्वाचित सदस्य ही रहते हैं।

पेंशन और सेलरी बड़ा सवाल

फिलहाल कर्मचारियों की बड़ी चिंता पेंशन व सेलरी को लेकर है। उनका कहना है कि रक्षा मंत्रालय ने हाथ खडेÞ कर दिए हैं। आमदनी से ज्यादा कैंट बोर्ड प्रशासन के कंधों पर देनदारियां हैं। ए-टू-जेड ठेका हो या फिर निर्माण संबंधी कार्य पहले ही करोड़ों की देनदारी है। बड़ा सवाल यही कि देनदारी चुकाएंगे या फिर स्टॉफ की सेलरी का इंतजाम किया जाएगा। फिलहाल तो स्टाफ के लिए सेलरी के लाले पड़ते दिखाई दे रहे हैं।

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